सोलापुर में खाद के नाम पर नमक बेचने का खुलासा, 10.46 लाख की मिलावटी उर्वरक जब्त

Fake Fertilizer Case: सोलापुर के मंगलवेढ़ा तालुका के पाठखल में कृषि विभाग की छापेमारी के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में खुलासा हुआ कि किसानों को उर्वरक के नाम पर नमक बेचा जा रहा था।
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Fertilizer Scam (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो-सोशल मीडिया)
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Solapur Agriculture Department Raid: मिलावटी कृषी उर्वरक की बिक्री की खबरें तो आम बात जैसे ही हो गई है लेकिन सोलापुर से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है। जहा किसानों की आंखो में धुल झोकते हुए उन्हे उंचे दाम में नमक बेचा जा रहा था। पाठखल में मेसर्स प्रहार उद्योग ग्रुप और कृषि केंद्र की दुकान और गोदाम पर एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की रेड में पता चला कि नमक को फर्टिलाइजर के तौर पर बेचा जा रहा था । इस मामले में दोनों के खिलाफ मंगलवेढ़ा पुलिस स्टेशन में 10 लाख 46 हजार 780 रुपये की मिलावटी केमिकल फर्टिलाइजर स्टोर करने और बेचने का केस दर्ज किया गया है।

यह केस सतीश मनोहर भोसले और रविराज शंकर कांसे के खिलाफ दर्ज किया गया है। किसानों की शिकायत के बाद, जिला कृषि अधिकारी और मंगलवेढ़ा कृषि विभाग के अधिकारियों ने पाठखाल में मेसर्स प्रहार उद्योग ग्रुप और एग्रीकल्चर सेंटर की दुकान और गोदाम पर छापा मारा।

खाद की जगह नमक बेच रहे थे कारोबारी

इस ऑपरेशन के दौरान, यह देखा गया कि नमक को फर्टिलाइज़र के तौर पर बेचा जा रहा था। साथ ही, जांच में पाया गया कि मिलावटी केमिकल फर्टिलाइज़र को स्टोर करके बेचा जा रहा था। संबंधित लोगों से फर्टिलाइज़र की बिक्री से जुड़े बिल और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स मांगे गए। लेकिन, शिकायत में कहा गया है कि वे संबंधित बिल जमा नहीं कर पाए।

कृषि विभाग के छापे में खुली पोल

हरिदास बोंगे की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने 8 जून को शाम 7 बजे से पहले मिलावटी केमिकल फर्टिलाइजर का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक किया और बेचा। उन पर 10 लाख 46 हजार 780 रुपये की मिलावटी फर्टिलाइजर बनाकर बेचकर सरकार और किसानों को गुमराह करने का भी आरोप है। पुलिस इंस्पेक्टर दत्तात्रेय बोरिगिड़े मामले की आगे की जांच कर रहे हैं।