छूटा बचपन: सोलापुर से सामने आए नाबालिग गर्भधारण के 34 मामले, POCSO के तहत कार्रवाई शुरू

Solapur Child Marriage: सोलापुर में बाल विवाह और नाबालिग गर्भधारण के चौंकाने वाले मामले सामने आए, जहां 34 नाबालिग लड़कियों का इलाज हुआ और डॉक्टरों की लापरवाही पर POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की।
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Minor Pregnancy (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Solapur Crime News: सोलापुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक तरफ हम गर्व से प्रगतिशील महाराष्ट्र की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर समाज के एक अंधेरे कोने में आज भी छोटी बच्चियों को बाल विवाह की बेड़ियों में जकड़ा जा रहा है। सोलापुर से सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या कानून-व्यवस्था का कोई डर बाकी रह गया है।

महात्मा ज्योतिबा फुले सोशल ऑर्गनाइजेशन की फॉलो-अप कार्रवाई के बाद यह काला सच उजागर हुआ है। कम उम्र में मां बनने का बोझ उठा रही कई नाबालिग लड़कियों की दर्दनाक कहानियों ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है।

कुप्रथाओं की भेंट चढ़ रही मासूम

जांच में पता चला है कि बाल विवाह रोकने वाले कानून के बावजूद सोलापुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर इसका उल्लंघन हो रहा है। पिछले दो वर्षों में 34 नाबालिग गर्भवती लड़कियों को सोलापुर नगर निगम और निजी अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। ये आंकड़े केवल संख्या नहीं हैं, बल्कि उन मासूम बचपन की त्रासदी को दर्शाते हैं जो अज्ञानता और सामाजिक कुप्रथाओं की भेंट चढ़ गए।

चिकित्सा क्षेत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल

इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू मेडिकल अधिकारियों की लापरवाही है। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि इलाज के लिए आई गर्भवती लड़कियां नाबालिग थीं। ऐसे गंभीर मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस को देना डॉक्टरों की कानूनी जिम्मेदारी है। लेकिन, इस कर्तव्य की अनदेखी कर कुछ अधिकारियों ने पुलिस को सूचना नहीं दी, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से इस अपराध को बढ़ावा मिला। इससे चिकित्सा क्षेत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठे हैं।

10 मामलों में एफआईआर दर्ज

मामला सामने आते ही सोलापुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान न केवल सोलापुर, बल्कि पुणे और कोल्हापुर क्षेत्रों में भी बाल विवाह और नाबालिग माताओं के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस ने अब तक 10 मामलों में एफआईआर दर्ज की है। इन मामलों में बाल विवाह कराने वाले पति और परिजन ही नहीं, बल्कि जानकारी छिपाने वाले डॉक्टरों को भी आरोपी बनाया गया है।

POCSO एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई

सभी आरोपियों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। समाज की इस गंभीर सच्चाई ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस आगे की जांच में जुटी है और उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

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