राजकोट किले पर हिंसा में शामिल सभी लोगों के खिलाफ दर्ज होगी FIR, राणे और ठाकरे समर्थकों के बीच हुई थी झड़प
एमवीए कार्यकर्ताओं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नारायण राणे के समर्थकों के बीच बुधवार को झड़प हुई थी। पथराव में एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने देर रात कहा, ‘‘हम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। हम दंगे में शामिल सभी लोगों की पहचान करेंगे और कार्रवाई करेंगे।
- Written By: किर्तेश ढोबले
हिंसा में शामिल सभी लोगों के खिलाफ दर्ज होगी FIR
मुंबई: महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग जिले के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा गिरने के बाद से शुरू हुआ बवाल कम होने के नाम नहीं ले रहा है। बीते दिन राजकोट किले के दौरा करने के दौरान शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं और भाजपा सांसद नारायण राणे के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। अब इसे लेकर पुलिस ने कहा कि झड़प में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को शाम को यह जानकारी दी।
जानकारी के लिए बता दें कि मुंबई से लगभग 480 किलोमीटर दूर इस तटीय जिले के मालवन तहसील के राजकोट किले में लगी छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा सोमवार को गिर गयी थी। जिसके बाद से राज्य में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। प्रतिमा गिरने को लेकर विपक्षी दल महाविकास अघाड़ी राज्य की शिंदे सरकार पर जमकर हमलावार है।
इस दौरान ही महाविकास अघाड़ी का प्रतिनिधिमंडल राजकोट किले का दौरा करने गया था। इस दौरान बीजेपी के नेता नारायण राणे और नितेश राणे भी वहां पर आए। वहीं, एमवीए कार्यकर्ताओं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नारायण राणे के समर्थकों के बीच बुधवार को झड़प हुई थी। पथराव में एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने देर रात कहा, ‘‘हम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। हम दंगे में शामिल सभी लोगों की पहचान करेंगे और कार्रवाई करेंगे।
सम्बंधित ख़बरें
अमित जी, मातोश्री से जरा संभलकर! बर्थडे पर Ramdas Kadam की अमित ठाकरे को नसीहत; उद्धव-आदित्य पर कसा तीखा तंज
BMC खर्च पर सियासत गरम, आदित्य ठाकरे बोले- BEST को फंड नहीं और बंगले पर करोड़ों खर्च
शिवसेना (UBT) में नेतृत्व बदलाव के संकेत, Aditya Thackeray बन सकते हैं कार्याध्यक्ष
Narayan Rane: सीएम से केंद्रीय मंत्री तक का सफर, नारायण राणे की राजनीति, जिसने महाराष्ट्र की सत्ता हिला दी
