आदित्य ठाकरे (सौ. फाइल फोटो )
Aditya Thackeray Shiv Sena UBT Working President Update: शिवसेना (यूबीटी) में पार्टी के नेतृत्व को लेकर अब परिवर्तन की लहर है। सूत्रों के मुताबिक विधायक व युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे को पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है। इसे लेकर पार्टी में हलचलें तेज हो गई है।
चर्चा है कि उन्हें पार्टी का कार्याध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है। इसकी अधिकृत घोषणा 19 जून को पार्टी स्थापना दिवस पर की जाएगी। सूत्रों के अनुसार जिस तरह साल 2003 में उद्धव ठाकरे को कार्याध्यक्ष का पद दिया गया था, उसी तरह आदित्य को भी नियुक्त किया जा सकता है।
जल्द ही कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर इस प्रस्ताव पर मुहर लगाने की तैयारी चल रही है। वहीं अब पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे पार्टी के मार्गदर्शक की भूमिका में होंगे। सूत्रों के मुताबिक उद्धव ठाकरे के नरम स्वास्थ्य को देखते हुए आदित्य को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी की जा रही है।
यूबीटी सांसद संजय राऊत ने इस बारे में कहा कि उद्धव ठाकरे पार्टी के कार्याध्यक्ष चुने गए थे। यदि आदित्य ठाकरे का नाम सामने आ रहा है, तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए। भविष्य में नेतृत्व युवा पीढ़ी को देना जरूरी है। बीएमसी चुनाव में Aditya Thackeray और उनकी टीम ने अच्छा काम किया है। ठाकरे गुट की नेता किशोरी पेडणेकर ने कहा कि इस बारे में अंतिम निर्णय उद्धव ठाकरे लेंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि यह यूबीटी का अंदरूनी मामला है। फैसला उन्हें लेना है। राकां शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कहा कि यूबीटी की युवा पीढ़ी आदित्य ठाकरे के साथ है।
पिछले कुछ वर्षों में आदित्य ने संगठन स्तर से लेकर चुनाव प्रबंधन तक कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसलिए पार्टी के कुछ बड़े नेता उन्हें और अधिकार देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि आदित्य के नेतृत्व में पार्टी को नई ताकत मिलेगी और नेतृत्व की एक नई पीढ़ी तैयार होगी। यदि आदित्य ठाकरे कार्याध्यक्ष बनते हैं तो यह उनके राजनीतिक करियर का अगला बड़ा कदम होगा। इससे पार्टी में बदलते दौर के साथ युवा नेताओं को ज्यादा मौके मिलेंगे।
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फिलहाल आदित्य ठाकरे ने पार्टी का कार्याध्यक्ष बनने की खबरों को अफवाह करार दिया है। उन्होंने साफ किया है कि ये चर्चाएं बेबुनियाद हैं और इसमे कोई सच्चाई नहीं है। पार्टी में इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक अब उद्धव भी अपने स्वास्थ्य को देखते हुए पार्टी की कमान आदित्य के हवाले करने के पक्ष में हैं। हालांकि इस बारे में सभी को औपचारिक घोषणा का इंतजार है।