

Operation Tiger in Maharashtra Politics: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को लगे राजनीतिक झटके की चर्चाओं के बीच अब महाराष्ट्र से भी ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के लिए चिंता बढ़ा सकती हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद बगावत की तैयारी में हैं। यदि यह घटनाक्रम आगे बढ़ता है तो शिवसेना के स्थापना दिवस से पहले उद्धव ठाकरे को बड़ा राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, दो सांसद पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि 4 अन्य सांसदों के भी रात तक राजधानी पहुंचने की संभावना है। शिरडी से सांसद भाऊ साहेब वाकचौरे और यवतमाल से सांसद संजय देशमुख फिलहाल दिल्ली में मौजूद हैं।
खबरों के मुताबिक, ये सात सांसद पहले अलग समूह का गठन कर सकते हैं और उसके बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। बगावत की चर्चाओं में जिन सांसदों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें संजय जाधव, संजय पाटिल, नागेश बापूराव अष्टिकर, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊ साहेब वाकचौरे और संजय देशमुख शामिल हैं। दूसरी ओर, पार्टी में संभावित टूट को रोकने के प्रयासों के तहत अनिल देसाई और संजय राउत दिल्ली में डटे हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि 19 जून को होने वाले शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस से पहले एकनाथ शिंदे खेमे की ओर से यह बड़ा सियासी कदम उठाया जा सकता है।
महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा था कि इस अभियान के तहत कुछ सांसद शिवसेना (शिंदे गुट) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऐसे दावों को खारिज किया है।
शिंदे का कहना था कि चुनावी प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और अब किसी प्रकार के 'नंबर गेम' की आवश्यकता नहीं है। गौरतलब है कि सात लोकसभा सांसदों के साथ शिवसेना (शिंदे गुट) केंद्र में बीजेपी की तीसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के पास वर्तमान में 9 लोकसभा सांसद हैं।