
रोहिणी खडसे व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: देश में महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचारों को लेकर एक ओर जहां कानूनों को सख्त किया जा रहा है। वहीं शरद पवार की पार्टी ने नई मांग कर दी है। महाराष्ट्र पुणे के स्वारगेट एसटी डिपो में 26 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद पूरा राज्य सकते में है। इस घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाए जा रहे है। इस बीच शरद पवार की पार्टी के महिला शाखा ने राष्ट्रपति का पत्र लिखकर एक नई मांग कर दी है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की महिला शाखा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचारों के मद्देनजर एक हत्या करने पर सजा में छूट देने का आग्रह किया है।
शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी की महिला शाखा की अध्यक्ष रोहिणी खडसे ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा कि महिलाएं दमनकारी मानसिकता, दुष्कर्म वाली मानसिकता और निष्क्रिय कानून-व्यवस्था की प्रवृत्ति को खत्म करना चाहती हैं।
रोहिणी खडसे ने हाल ही में मुंबई में 12 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म की घटना का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। खडसे ने पत्र में कहा कि हम सभी महिलाओं की ओर से एक हत्या करने पर सजा में छूट की मांग कर रहे हैं।
इस पत्र का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधना है। उन्होंने एक सर्वेक्षण रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें बताया गया कि भारत महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश है क्योंकि उनके खिलाफ अपहरण और घरेलू हिंसा सहित कई अपराध हो रहे हैं।
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शरद पवार की पार्टी की महिला शाखा की अध्यक्ष रोहिणी खडसे ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमारी मांग पर गंभीरता से विचार करने के बाद उसे स्वीकार कर लिया जाएगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)






