गोरेवाड़ा दूषित पानी से मछलियों का झुंड खत्म
नागपुर: पश्चिम नागपुर का गोरेवाड़ा तालाब बड़ी आबादी के लिए पीने के पानी का स्रोत है। अब इसी जीवनदायक जल स्त्रोत में जहर घुल रहा है। गोरेवाड़ा तालाब में गटर और नाले का प्रदूषित पानी मिल रहा है। यह नागरिकों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता दीपक तभाने ने बताया कि जल स्त्रोत में बड़ी मात्रा में मिल रहे गटर और नाले के दूषित पानी के कारण मछलियां झुंड में मर रही है। यह एक गंभीर विषय बन गया है। बता दें कि अंग्रेज काल में नागपुर शहर के पेय जल के समाधान के लिए बनाए गए ऐतिहासिक गोरेवाड़ा तालाब इन दिनों अपने अंतिम अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है।
तालाब का पानी पीने योग्य नहीं
गोरेवाड़ा जंगल ट्रेकर्स ग्रुप व सामाजिक संगठनों द्वारा गोरेवाड़ा तालाब के संरक्षण पर अनदेखी को लेकर कई बार मुद्दा उठाया गया है। उन्होंने बताया कि दाभा क्षेत्र में बढ़ते रिहायशी एरिया का सम्पूर्ण दूषित पानी 24 घंटे गोरेवाड़ा तालाब में समाहित होकर पूरे तालाब को दूषित कर रहा है। ऐसे में तालाब का पानी नागरिकों के पीने योग्य नहीं रह रहा है।
नागपुर सहित विदर्भ में येलो अलर्ट जारी, बदलेगा मौसम का मिजाज, तेज आंधी के साथ हो सकती है बारिश
शिकायत के बावजूद नहीं करते उपाय
दीपक तभाने ने आगे बताया कि सांसदों, विधायकों, नगरसेवकों समेत ओसीडब्ल्यू को भी कई बार इस मुद्दे से अवगत कराया गया। लेकिन स्वस्थ नागपुर, सुंदर नागपुर की बात करने वाले अधिकारियों को जनता की जान की परवाह नहीं है। दूषित पानी के कारण सैकड़ों की संख्या में विभिन्न प्रजाति की मछलियां तालाब में मृत अवस्था में देखी गई। उन्होंने प्रशासन से आहवान किया है कि जनता की जान से खिलवाड़ बंद करें और तुरंत उचित समाधान निकालें।