55 फीट गहरे कुएं में गिरकर ठेकेदार की मौत, छत्रपति शिवेंद्रराजे रेस्क्यू टीम की सर्च अभियान से शव बरामद

सोमवार की शाम सातारा जिले के कोरेगांव तालुका के आज़ादपुर गांव में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। 22 वर्षीय ठेकेदार विलास अशोक चव्हाण (निवासी विजयपुर, कर्नाटक) कुएं में गिरकर डूब गया।
55 फीट गहरे कुएं में गिरकर ठेकेदार की मौत
55 फीट गहरे कुएं में गिरकर ठेकेदार की मौत। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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सातारा: सोमवार की शाम सातारा जिले के कोरेगांव तालुका के आज़ादपुर गांव में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। 22 वर्षीय ठेकेदार विलास अशोक चव्हाण (निवासी विजयपुर, कर्नाटक) कुएं में गिरकर डूब गया। वह खेत में निर्माणाधीन कुएं पर सीमेंट रिंग का ठेका लेकर काम कर रहा था। लोहे की प्लेट लेने के लिए जैसे ही वह कुएं के किनारे पहुंचा, उसका संतुलन बिगड़ा और वह सीधे 55 फीट गहरे पानी में जा गिरा। घंटों चली खोजबीन के बाद शव को रात में बाहर निकाला जा सका।

यह घटना सोमवार शाम लगभग 6 बजे की है। प्रतिदिन की तरह उस दिन भी कामकाज चल रहा था। विलास अपने साथी के साथ कुएं के पास मौजूद था। लोहे की प्लेट उठाने के लिए वह जैसे ही कुएं के समीप गया, पैर फिसलने से सीधे पानी में गिर गया। चूंकि उसे तैरना नहीं आता था, वह तुरंत ही गहराई में डूब गया। साथी मजदूर और कुएं के मालिक ने तत्काल उसे बचाने की कोशिश की और कुएं में कूद गए, लेकिन तब तक वह पानी में गुम हो चुका था।

युवाओं ने दिखाई तत्परता

घटना की जानकारी मिलते ही गांव के युवा घटनास्थल पर पहुंचे और अपने स्तर पर राहत कार्य प्रारंभ किया। रात तक चलाए गए सर्च अभियान में सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस की मदद से छत्रपति शिवेंद्रराजे ट्रेकर्स रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। रेस्क्यू टीम ने अंधेरे और गहराई के बावजूद साहस के साथ तलाशी अभियान चलाया और कई घंटे बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। किसी भी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित रखा गया। मदिरा प्रेमियों की कटेगी जेब, महाराष्ट्र में बढ़ेंगे शराब के दाम, कैबिनेट बैठक में हुआ फैसला

अनदेखी की गंभीरता को उजागर

यह हादसा एक बार फिर कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गंभीरता को उजागर करता है। यदि मौके पर सुरक्षा बेल्ट, रेलिंग, या अनिवार्य प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएं होतीं, तो संभवतः यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। स्थानीय प्रशासन से मांग की जा रही है कि निर्माण स्थलों और खेतों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कठोर दिशानिर्देश लागू किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। रेस्क्यू टीम और पुलिस की मुस्तैदी से शव की बरामदगी संभव हो सकी, लेकिन एक युवा की असमय मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।

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