

Chhatrapati Sambhajinagar Water Crisis News: छत्रपति संभाजीनगर के सातारा-देवलाई परिसर में नागरिकों को इस बार दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक ओर आसमान से बरसती आग ने जनजीवन बेहाल कर दिया है, तो दूसरी ओर इस क्षेत्र के अधिकांश बोरवेल दिसंबर और फरवरी में ही जवाब दे चुके हैं। जलस्तर (Groundwater) के तेजी से गिरने के कारण स्थानीय कुएं भी सूखने की कगार पर हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की निर्भरता अब पूरी तरह से निजी पानी के टैंकरों पर टिक गई है।
बढ़ती मांग और पानी के स्रोतों के दूर होने का हवाला देकर टैंकर चालकों ने मनमाने ढंग से दाम बढ़ा दिए हैं। फरवरी माह की तुलना में अप्रैल के अंत तक कीमतों में लगभग 50% से 70% तक का उछाल देखा जा रहा है 2,000 लीटर का टैंकर का फरवरी में जो किराया 300 से 400 रुपये था, वह अब बढ़कर 500 से 600 रुपये तक पहुँच गया है। 5,000 लीटर का टैंकर के लिए नागरिकों को अब 1,200 से 1,500 रुपये तक की भारी रकम चुकानी पड़ रही है। पहले कुओं से 2,000 लीटर पानी भरने का खर्च जो 50 रुपये था, वह अब दोगुना होकर 100 रुपये हो गया है। इसी तरह 5,000 लीटर के लिए 250 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
नागरिकों में इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि अभी मई का महीना आना बाकी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो मई में ये दरें और भी बढ़ सकती हैं। टैंकर ऑपरेटरों का तर्क है कि उन्हें पानी लाने के लिए अब बहुत दूर के इलाकों में जाना पड़ रहा है, जिससे डीजल और समय का खर्च बढ़ गया है।
सातारा-देवलाई क्षेत्र में रहने वाले मध्यम वर्गीय और कामकाजी परिवारों के लिए पानी पर होने वाला यह अतिरिक्त खर्च मासिक बजट को पूरी तरह बिगाड़ रहा है। प्रशासन द्वारा सरकारी टैंकरों की सुस्त आपूर्ति के कारण निजी ऑपरेटरों की चांदी हो रही है।