

Sanjay Raut Statement: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत अपने तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर किए गए अपने हालिया ट्वीट और भारत में लोकतंत्र की स्थिति पर उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा को आड़े हाथों लिया है। राउत ने न केवल अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ पीएम मोदी के संबंधों पर सवाल उठाए, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में चल रही राजनीतिक हलचल पर भी अपनी राय रखी।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पीएम मोदी को दी गई कथित बधाई की खबरों पर कटाक्ष करते हुए संजय राउत ने कहा, मुझे लगता है कि यह खबर झूठी है। मेरा सवाल सीधा है, क्या कल ग्रामपंचायत चुनाव में भाजपा जीतेगी तो ट्रंप, मैक्रों और स्टार्मर मोदी को बधाई देंगे? अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और भारत भी। लेकिन भारत में लोकतंत्र के नाम पर क्या चल रहा है, यह पूरी दुनिया जानती है। राउत ने आगे कहा कि ट्रंप को सच्चाई से अवगत कराना उनका कर्तव्य था। उन्होंने कहा, राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी ने बार-बार अपने विचार व्यक्त किए हैं। मुझे लगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सही जानकारी देना मेरा फर्ज है। दुनिया को पता चलना चाहिए कि इस देश में, पश्चिम बंगाल में, तमिलनाडु में और असम में लोकतंत्र के नाम पर क्या हो रहा है। मुझे नहीं पता कि ट्रंप ने मेरा ट्वीट पढ़ा या नहीं, लेकिन मैंने अपना काम किया। असल में ये भाजपा के लोग ही मोदी की छवि खराब कर रहे हैं।
तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए संजय राउत ने राज्यपालों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, राजभवन में भाजपा के एजेंट बैठे हैं। इसे लोक भवन कहा जाता है, लेकिन इसी भवन में जनता की भावनाओं और उनके वोटों की हत्या की जाती है। संविधान कहता है कि जिस पार्टी के पास 108 सदस्य हों, उसे पहले बुलाया जाना चाहिए, लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रखा जा रहा है।
ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए राउत ने स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, अब ममता जी लड़ेंगी और हम सब इस लड़ाई में उनके साथ शामिल होंगे। उद्धव ठाकरे ने उनसे बात की है। लोकतंत्र बचाने की यह लड़ाई पूरे देश में जारी रहेगी। भाजपा जहाँ भी जाती है और सरकार बनाती है, वहाँ कानून व्यवस्था बिगड़ जाती है।