

Drug Trafficker Salim Dola Case: अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोपी मोहम्मद सलीम डोला के मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। तुर्की से प्रत्यर्पित कर भारत लाए गए डोला की पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद, अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का आदेश दिया है। इस दौरान डोला के कानूनी पक्ष और सुरक्षा को लेकर उनकी वकील जेहरा चरानिया ने कई गंभीर दावे किए हैं।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अदालत को सूचित किया कि सलीम डोला से शुरुआती पूछताछ और जांच का चरण पूरा हो चुका है, इसलिए अब उन्हें उसकी और अधिक पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं है। डोला को पिछले महीने की 30 तारीख को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद से वह लगातार NCB की गिरफ्त में था। अदालत की कार्यवाही के बारे में जानकारी देते हुए एडवोकेट जेहरा चरानिया ने कहा, आज NCB ने स्पष्ट किया कि उनकी जांच का वर्तमान चरण समाप्त हो गया है। इसके बाद अदालत ने मेरे मुवक्किल को 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया है। अब पूरी प्रक्रिया चार्जशीट दाखिल होने तक इसी तरह जारी रहेगी। एजेंसी एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करेगी, जिसके बाद ही हम नियमित जमानत और अन्य कानूनी विकल्पों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
सलीम डोला पर लंबे समय से अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके गैंग से जुड़े होने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, उनकी बचाव पक्ष की वकील ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और मीडिया स्टंट करार दिया है। चरानिया ने पुरजोर तरीके से कहा, जहाँ तक मेरे मुवक्किल के दाऊद इब्राहिम या अन्य गैंगस्टरों से संबंध होने का सवाल है, तो मैं यह साफ कर दूँ कि ऐसा कोई संबंध अस्तित्व में नहीं है। ये दावे केवल मीडिया का ध्यान खींचने और मामले को सनसनीखेज बनाने के लिए किए जा रहे हैं।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब डोला के वकील ने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि सलीम डोला को मुंबई की प्रसिद्ध आर्थर रोड जेल के बजाय किसी अन्य सुरक्षित जेल में रखा जाए।
वकील के अनुसार, उन्हें पुख्ता जानकारी मिली है कि आर्थर रोड जेल के भीतर डोला की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। वहां बंद अन्य गिरोहों या सुरक्षा कारणों के चलते डोला को निशाना बनाया जा सकता है। कानूनी टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर जेल प्रशासन और अदालत से इस विशेष स्थानांतरण की मांग की है।
मोहम्मद सलीम डोला को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा माना जाता है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के निरंतर दबाव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बाद उसे हाल ही में तुर्की से प्रत्यर्पित (Extradited) कर भारत लाया गया था। डोला पर सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध कारोबार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने के गंभीर आरोप हैं।
अब सबकी नजरें NCB द्वारा दाखिल की जाने वाली सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि जांच एजेंसी के पास डोला के खिलाफ और उसके कथित अंडरवर्ल्ड कनेक्शन को लेकर कितने ठोस सबूत हैं। फिलहाल, डोला को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया गया है।