

West Bengal Assembly Dissolved: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आ गए हैं। चुनावी नतीजों में टीएमसी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव में मिली हार के बाद भी ममता बनर्जी कहा कि वो इस्तीफा नहीं देंगी। इस बीच अब राज्यपाल ने आज बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई की आधी रात को पूरा हो गया। अब संविधान क अनुच्छेद 172 के तहत कार्यकाल पूरा होते ही सदन का अस्तित्व खुद ही समाप्त हो जाता है। अब राज्यपाल के पास नई सरकार को शपथ दिलाने का रास्ता साफ हो गया है। इधर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों में धांधली का आरोप लगाते हुए पद छोड़ने से मना कर दिया है। ममता ने कहा कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं चुनाव नहीं हारी हूं मुझे हराया गया है।
बता दें कि चुनावी नतीजों में भाजपा ने 294 सीटों में से 207 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, वहीं तृणमूल कांग्रेस दहाई के आंकड़े में ही सिमट कर रह गई। खबरों के मुताबिक, बहुमत प्राप्त दल के रूप में बीजेपी 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कर सकती है। राज्यपाल आर.एन. रवि जल्द ही नई सरकार के गठन के लिए भाजपा को न्योता दे सकते हैं।
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों के अगले दिन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया था और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम जनादेश नहीं बल्कि एक साजिश है। इसके साथ ही उन्होंने सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ने और विपक्षी गठबंधन को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उसकी लड़ाई चुनाव आयोग से थी, जिसने बीजेपी के लिए काम किया। ममता बनर्जी ने कहा था, ‘‘मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है.… मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी।''