30 लाख के इंश्योरेंस के लिए साले ने ही रची जीजा की हत्या की साजिश; सांगली में दो शूटर गिरफ्तार

Maharashtra Sangli Insurance Money Murder Case 2026: महाराष्ट्र के सांगली में 30 लाख रुपये की बीमा राशि के लिए जीजा की हत्या, पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
Maharashtra Sangli Insurance Murder
जीजा को पीट-पीटकर मार डाला, दुर्घटना का रूप देने की कोशिश नाकाम (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
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Maharashtra Sangli Insurance Murder: रिश्तों के कत्ल की यह सनसनीखेज वारदात सांगली जिले के कवठेमहांकाल इलाके में घटित हुई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, बीती 19 मई 2026 की रात करीब 11 बजे विजापुर-गुहागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित प्रेम ढाबे के पास दत्तात्रय भगवान चावरे (44) मृत अवस्था में पाए गए थे। उनके सिर पर चोट के बेहद गहरे निशान थे।

घटनास्थल की स्थिति और सिर की चोटों को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने शुरुआत में इसे एक सामान्य हिट-एंड-रन यानी सड़क दुर्घटना का मामला मानकर डायरी में दर्ज किया था। लेकिन जब मृतक दत्तात्रय की पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट सामने आई, तो जांच अधिकारी भी पूरी तरह सन्न रह गए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदला जांच का रुख, खुला मर्डर का राज

चिकित्सकों द्वारा तैयार की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा घटनास्थल के दोबारा किए गए निरीक्षण से यह साफ हो गया कि दत्तात्रय की मौत किसी वाहन की टक्कर से नहीं हुई थी। बल्कि, उनके सिर और शरीर पर किसी भारी वस्तु से ताबड़तोड़ वार किए गए थे। गंभीर मारपीट के कारण अंदरूनी चोटें आने से उनकी जान गई थी। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद कवठेमहांकाल थाना पुलिस ने तुरंत अपनी जांच की दिशा बदली और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ियां जोड़ना शुरू किया।

30 लाख के बीमे के लिए दी गई 3 लाख रुपये की सुपारी

जांच के दौरान सांगली पुलिस को मृतक के साले की गतिविधियों और कुछ स्थानीय संदिग्धों पर शक हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रामचंद्र धनप्पा खिलारे और तुकाराम मारुती सांगोलकर को हिरासत में लिया और जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो पूरी साजिश की परतें एक-एक कर उधड़ती चली गईं। आरोपियों ने कबूल किया कि दत्तात्रय के नाम पर मौजूद 30 लाख रुपये की मोटी बीमा राशि को हासिल करने की खातिर उनके अपने ही साले ने इस पूरी वारदात का ताना-बाना बुना था और इस काम के लिए 3 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज, अन्य की तलाश जारी

साजिशकर्ताओं का प्लान था कि दत्तात्रय की हत्या के बाद इसे हाईवे पर हुआ सड़क हादसा दिखा दिया जाएगा, जिससे पुलिस केस बंद हो जाएगा और इंश्योरेंस कंपनी से पूरी रकम आसानी से मिल जाएगी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दोनों भाड़े के हत्यारों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक और गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मुख्य साजिशकर्ता साले सहित इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी सघनता से जांच की जा रही है और उन्हें भी जल्द ही बेनकाब किया जाएगा।

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