HSRP एक घोटाला! RTI एक्टिविस्ट का बड़ा दावा, कहा- शुल्क के नाम पर हो रही उगाही
High Security Registration Plates: महाराष्ट्र सरकार ने पुराने वाहनों पर उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट लगाने को लेकर परिवहन विभाग के पूर्व अधिकारियों और आरटीआई एक्टिविस्ट ने बड़ा दावा किया है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने पुराने वाहनों पर उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट (HSRP) लगाने के लिए 15 अगस्त की अंतिम समय सीमा तय की है, लेकिन इस प्रक्रिया में चल रहे उल्लंघनों पर आंखें मूंद ली हैं। एचएसआरपी को गाड़ी चोरी रोकने के लिए सुरक्षित और पूरे देश में एक जैसा बनाए जाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, लेकिन इसमें विशेष सुरक्षा लॉक के बजाय सामान्य नट-बोल्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह दावा परिवहन विभाग के पूर्व अधिकारियों और आरटीआई एक्टिविस्ट ने किया है।
आरटीआई एक्टिविस्ट विजय कुंभार ने कहा कि प्लेट्स के गलत आकार, रंग सही नहीं होने, अक्षर फीके पड़ने जैसी समस्याएं भी हैं, जो इस कवायद के सुरक्षा पहलुओं को कमजोर बनाती हैं और इन सब से प्लेट आसानी से खराब हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर) की धारा 50 के अनुसार, अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत करीब 2.10 करोड़ पुरानी गाड़ियों पर एचएसआरपी लगाने के लिए लंबित निविदा प्रक्रिया के बाद 3 कंपनियों को नियुक्त किया है। उन्होंने बताया कि इसमें यह भी प्रावधान शामिल किया गया है कि वाहन निर्माताओं को नये वाहनों के पंजीकरण के समय ऐसा करना होगा।
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महाराष्ट्र सरकार ने HSRP किया अनिवार्य
बता दें कि राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 में पुराने वाहनों के लिए HSRP अनिवार्य कर दिया था, लेकिन इस साल की शुरुआत में एक आंतरिक समीक्षा से पता चला कि अप्रैल 2019 के बाद पंजीकृत 10 लाख नये वाहनों में अभी तक एचएसआरपी नहीं लगाया गया है।
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‘तय शुल्क से ज्यादा पैसे वसूल रहे’
पुणे के एक सेवानिवृत्त आरटीओ अधिकारी ने कहा कि मैंने 17 जनवरी को अपनी एसयूवी में एचएसआरपी लगवाया था, लेकिन उसमें स्नैप लॉक की जगह प्लास्टिक केस लगाया गया, जिसकी वजह से वह दो दिन बाद नासिक जाते समय गिर गई। मैंने सेवा प्रदाता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए परिवहन आयोग के समक्ष यह मुद्दा उठाया है। इस तरह के अनधिकृत तरीकों से एचएसआरपी लगाने वाले लोग आधिकारिक तौर पर स्वीकृत एचएसआरपी शुल्क से अधिक कीमत वसूल रहे हैं।
आरटीआई एक्टिविस्ट विजय कुंभार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उनसे एक फ्रेम के लिए 250 रुपये वसूले गए, रंग वाली प्लेट लगवाने के लिए उन्हें 15 किलोमीटर दूर भेजा गया। उन्होंने कहा कि एचएसआरपी एक पूर्ण घोटाला है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
