राजस्व मंत्री बावनकुले की घोषणा, जल्द लाएंगे सरकारी जमीन पर होर्डिंग की नई नीति
Maharashtra News: सरकारी जमीन पर विज्ञापन होर्डिंग लगाने की नई नीति बनाई जा रही है। राजस्व मंत्री बावनकुले ने इसे लगाने के लिए दिशा-निर्देश तय किए हैं।
- Written By: सोनाली चावरे
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले
मुंबई: राज्य में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर विज्ञापन होर्डिंग लगाने की नीति बनाई जा रही है और राजस्व वृद्धि के साथ-साथ जिला कलेक्टरों के लिए नए दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार सहित वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और राज्य मंत्री योगेश कदम की मौजूदगी में इस संबंध में विस्तृत प्रस्तुति दी।
नीति पारदर्शी होनी चाहिए
राजस्व मंत्री बावनकुले ने निर्देश दिया कि इस नीति की रूपरेखा तैयार करते समय सभी जिलों पर व्यापक रूप से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह नीति पारदर्शी होनी चाहिए, स्थानीय हितों की रक्षा करनेवाली तथा राजस्व वृद्धि को बढ़ावा देनेवाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर विज्ञापन बोर्ड लगाने के लिए दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। प्रत्येक जिला कलेक्टर को अपने जिले में विज्ञापन बोर्ड के लिए उपयुक्त सरकारी जमीन की पहचान करनी होगी। इसमें जमीन का क्षेत्रफल और बोर्ड के आकार का उल्लेख करते हुए ई-नीलामी प्रक्रिया लागू की जाएगी। उन्होंने इसके महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला है।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में सियासी हलचल: सचिन अहीर के बाद किरण सरनाईक भी देंगे शिंदे गुट को समर्थन; बच्चू कडू का बड़ा बयान
गड़चिरोली में आफत की बारिश: आष्टी-सिरोंचा नेशनल हाईवे पर बहा वैकल्पिक रास्ता, थमा सैकड़ों वाहनों का पहिया
आष्टी तहसील में बारिश का कहर: नरसिंगपुर में बाढ़, किसानों की फसलें तबाह
5.12 लाख की मुफ्त पुस्तकें! गोंदिया में पहले ही दिन बच्चो को मिली किताबे, अन्य अन्य विषयों के लिए इंतजार
ई-नीलामी प्रक्रिया इस तरह होगी लागू
- महाराष्ट्र सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय (डीजीआईपीआर) में पंजीकृत एजेंसी को ही विज्ञापन होर्डिंग का ठेका दिया जाएगा।
- उस कंपनी को विज्ञापन क्षेत्र में कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए।
- निविदा प्रक्रिया में भाग लेने वाली एजेंसी का मालिक महाराष्ट्र का मूल निवासी होना चाहिए, ताकि स्थानीय उद्यमियों को बढ़ावा मिले।
- यह प्रक्रिया पूरी तरह राजस्व विभाग की देखरेख में लागू की जाएगी, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होगी।
- विज्ञापन बोर्डों के लिए शुल्क और नीलामी प्रक्रिया के नियमों का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा।
- नीलामी में योग्य बोली लगाने वाले को हर तिमाही में कम से कम सात दिनों के लिए सरकारी विज्ञापन के लिए बोर्ड मुफ्त में उपलब्ध कराने होगा।
- लीज अवधि समाप्त होने के बाद अनुबंध समाप्त हो जाएगा। किसी भी स्थिति में विस्तार नहीं दिया जाएगा।
- न्यायिक रोक के कारण विस्तार होने पर दोगुना शुल्क लिया जाएगा।
- जिला कलेक्टर को लीज समाप्त होने से पहले छह महीने के भीतर अगली ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा।
- होर्डिंग लगाने से पहले पट्टेदार को योजना प्राधिकरण, जिला कलेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।
- जिला कलेक्टर हर महीने सरकार को सभी स्वीकृत, समाप्त या रद्द होर्डिंग की जानकारी देगा।
- होर्डिंग के लिए सालाना लाइसेंस फीस ली जाएगी, जिसकी राशि नीति में बताई जाएगी।
