

Maharashtra Politics: मानसून सत्र के दौरान लाए गए महाराष्ट्र की महायुति सरकार के जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच ठन गई है। शनिवार को राज ने जन सुरक्षा अधिनियम पर राज्य सरकार को ललकारते हुए गिरफ्तार करके दिखाने की चेतावनी दी थी। जिस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी कह दिया है कि जो गलत करेगा वो भरेगा।
भारतीय किसान कामगार पार्टी का 78वां स्थापना दिवस न्यू पनवेल में पुलिस के लिए आरक्षित भूखंड पर मनाया गया। इस अवसर पर शेकाप के पूर्व विधायक जयंत पाटिल एवं राज ठाकरे ने उपस्थित लोगों का सत्कार किया। इस दौरान ठाकरे ने पाटिल की तारीफ की तो वहीं किसानों-मजदूरों को भी बहुमूल्य सलाह दी। उन्होंने अपने संबोधन में मराठी भाषा, उद्योग और मराठी लोगों की जमीन को लेकर टिप्पणी की।
राज ठाकरे ने कहा कि आज रायगढ़ जिले में कई परियोजनाएं साकार हो रही हैं। इसके लिए किसानों की जमीनें ली जा रही हैं। लेकिन उद्योगों के लिए जरूरी श्रमशक्ति राज्य के बाहर से आ रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोलते हुए राज ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जिस राज्य से आते हैं, उस राज्य की कृषि भूमि देश के किसी अन्य राज्य का नागरिक नहीं खरीद सकता. अगर कोई खरीदना चाहता है, तो वहां के फेमा कानून के अनुसार रिजर्व बैंक की अनुमति लेकर खरीद सकता है. इसलिए अगर हर कोई अपने राज्य के बारे में सोच रहा है, तो हम ऐसा क्यों न करें?
राज ठाकरे ने कहा कि आज हमें पता ही नहीं है कि कौन हमारे यहां आ रहा है और हमारी जमीनें खरीद रहा है। उत्तर के कई अमीरों ने कोंकण में जमीन खरीद रखी हैं और हमारे अपने लोग उन्हें जमीन बेच रहे हैं। उन्हें पता नहीं है कि इससे हम खत्म हो जाएंगे। राज्य में सड़कें कहां जाएंगी, ये मंत्रियों को अच्छे से पता होता है। क्योंकि वो ही रास्ता तय करते हैं और सड़क बनने से पहले जमीन का अधिग्रहण करके फिर उद्योगपतियों से समझौता करके खूब पैसा कमाते हैं। महाराष्ट्र में बस यही उद्योग चल रहा है। कोई भी इसकी गहराई में जाकर सोचने को तैयार नहीं है।
इस दौरान राज ने मानसून सत्र के दौरान लाए गए जन सुरक्षा कानून को लेकर कहा कि रायगढ़ और महाराष्ट्र में हो रहे सभी विकास कार्यों के लिए हमारी जमीन ली जा रही है। मराठी बच्चों को वहां काम पर लगाया जाना चाहिए। लेकिन बाहर से उद्योगपति आएंगे, आपकी जमीन लेंगे, आपके व्यवसायों पर कब्जा करेंगे और मनमानी करेंगे, कोहराम मचाएंगे और यदि आप अपनी जमीन के लिए लड़ेंगे, तो अब एक ऐसा कानून लाया गया है जो आपको जेल में डाल देगा। उस कानून के तहत आपको अर्बन नक्सलवादी कहा जाएगा।
यदि आप किसी परियोजना या उद्योग का विरोध करते हैं, तो सरकार आपको गिरफ्तार करेगी। लेकिन एक बार गिरफ्तार करने दो, फिर देखते हैं। हमें अर्बन नक्सलवादी कहनेवालों को पहले अपनी पात्रता की जांच करनी चाहिए। हम मराठी लोगों के अवशेषों पर उद्योग नहीं लगने देंगे। यदि उद्योग लाने हैं, तो उन्हें मराठी लोगों की गरिमा बनाए रखते हुए लाना होगा।
इस तरह के बयान कानून को पढ़े या जानकारी लिए बगैर दिए गए हैं। यह कानून आपके लिए नहीं लाया गया है। लेकिन जो लोग कानून के खिलाफ बर्ताव करते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आंदोलन के खिलाफ या सरकार के खिलाफ बोलनेवालों को रोकने के लिए यह कानून नहीं है। लेकिन यदि अर्बन नकस्लवादियों की तरह बर्ताव करोगे तो आपको भी गिरफ्तार किया जाएगा।