कहीं गिरी बिजली…तो कहीं दीवार, महाराष्ट्र में बारिश के तांडव से मचा हाहाकार, अब तक 21 लोगों की मौत
महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी तूफान से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं कई लोग जख्मी हो गए हैं। कई जगहों में बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए गए। जिसको लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
- Written By: प्रिया जैस
महाराष्ट्र में बारिश से तबाही (सौजन्य-एएनआई)
मुंबई: पूरे महाराष्ट्र में मानसून का आगमन हो चुका है और पहली ही बारिश में नदी, नालों और तालों में जलभराव दिखाई दे रहा है। इस बीच नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और वर्धा में बिजली गिरने से 8 और पानी में डूबने से 4 की मौत हो गई जबकि 6 घायल हो गए। तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से 4 लोगों की जान चली गई वहीं दीवार गिरने के 3 लोगों की मौत हुई है। जबकि एक की मौत अन्य कारण से हुई है। वहीं भंडारा जिले की पवनी तहसील में 2 की जान चली गई जबकि दो घायल हैं।
हालांकि बुधवार को कई स्थानों पर बारिश की गति कम हुई लेकिन जलभराव और रास्तों पर पानी भर जाने के कारण आवागमन काफी हद तक प्रभावित रहा। महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों के दौरान मानसून के पहले की बारिश ने कहर बरपाया है और कृषि और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। बुधवार को जारी आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 35,000 हेक्टेयर में फैली खड़ी फसलें, सब्जियां और बाग प्रभावित हुए। इसके अलावा, कई घरों, मवेशियों के शेड और गोदामों को भी भारी नुकसान हुआ।
नांदेड़ में मां -बेटियां बहीं
वहीं मराठवाड़ा जिले की नांदेड़ तहसील में नाले में आई बाढ़ के कारण एक महिला अपनी दो बेटियों समेत बह गई। एक लउ़की का याव पास में ही मिला जबकि मां और दूसरी बेटी के शव लगभग 7 किमी दूर देर शाम को बरामद किए गए।
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मुंबई में बारिश का जोर कम
मुंबई में बुधवार को बारिश का जोर कम हुआ, लेकिन पटिरयों पर जलभरा के कारण लोकल ट्रेनों की आवाजाही पर असर बना रहा। कई निचले इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है जिसे कम करने में प्रशासन जुटा दिखाई दिया।
जलगांव में दमदार वर्षा
जलगांव में बुधवार सुबह से काले बादल छाए हुए थे, दोपहर बाद बिजली की कड़कड़ाहट के साथ तेज बारिश हुई। बारिश से वातावरण में कोहरा छा गया, जिससे नागरिकों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली। हालांकि, इस बारिश से केला, पपीता और अन्य फलों के बागों पर बड़ा असर पड़ा है
जालना के 47 गांवों पर बाढ़ का खतरा बरकरार
ऐसी उम्मीद थी कि जालना जिले को मई महीने में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा, लेकिन पिछले 20 दिनों से जिले के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बारिश हो रही है, जिससे बड़ी परेशानी हो रही है।
सोलापुर में 128 गावों की फसलें बर्बाद
सोलापुर जिले में लगातार बारिश ने बड़ी तबाही मचाई है। बारिश के कारण जिले के 128 गांवों में 1,248 हेक्टेयर में बागवानी की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 206 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों में खेतों में पानी भरा हुआ है।
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रत्नागिरी की सभी नदियों का जलस्तर बढ़ा
पिछले कुछ दिनों से कोंकण में भारी बारिश हो रही है। रत्नागिरी जिले में प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रमुख नदियां अधिक जलयुक्त होती जा रही हैं। रत्नागिरी जिले की प्रमुख नदियों जगबुड़ी, वशिष्ठी और काजली का जलस्तर बढ़ गया है। हर साल जून में शुरू होने वाली बारिश इस साल 20 मई से मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है। इसलिए, इस बारिश से सूखाग्रस्त गांवों को बड़ी राहत मिली है।
