

Raigad Stone Crusher Owners Relief: रायगड जिले के स्टोन क्रशर संचालकों के लिए अच्छी खबर है। अप्रैल से बंद पड़े उनके ट्रेडिंग लाइसेंस अब फिर से शुरू किए जाएंगे। साथ ही सिडको क्षेत्र में जमीन समतलीकरण के मुद्दे पर भी अधिकारियों से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ये निर्देश दिए।
रायगड जिले के स्टोन क्रशर संघ और खनन व्यवसायियों की लंबित समस्याओं को लेकर राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में विधायक विक्रांत पाटील और रायगड के खनन व्यवसायी भी मौजूद थे। इस बैठक से अप्रैल महीने से परेशानी झेल रहे स्थानीय क्रशर और खनन उद्योग को बड़ी राहत मिली है।
बैठक में खनन मालिकों ने बताया कि अप्रैल महीने से क्रशर और खनन क्षेत्र को सील कर दिया गया है। इससे उनका कारोबार ठप हो गया है और मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। इस पर सिडको के प्रबंध निदेशक गणेश देशमुख ने कहा कि लीज नवीनीकरण के आवेदन प्राप्त हुए हैं। लेकिन क्षेत्रीय नियोजन जोन में नियमों के अनुसार क्रशर चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इस तकनीकी मुद्दे पर राजस्व मंत्री बावनकुले ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा, अगर संबंधित क्षेत्र मूल रूप से खनन क्षेत्र है, तो उसे क्षेत्रीय उद्यान क्षेत्र में शामिल नहीं माना जाएगा। केवल गार्डन या अन्य पार्क के लिए आरक्षित जगह पर ही नियमों के अधीन उचित निर्णय लिया जाए। मंत्री ने निर्देश दिए कि गौण खनिज नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए क्रशर संचालकों की समस्या का समाधान किया जाए। बंद ट्रेडिंग लाइसेंस को पूर्ववत शुरू किया जाए।
सिडको क्षेत्र में जमीन समतलीकरण के मामले पर भी मंत्री ने अधिकारियों से अलग से चर्चा कर जल्द निर्णय लेने को कहा है। इस फैसले से रायगड जिले के सैकड़ों क्रशर संचालकों और उनसे जुड़े हजारों मजदूरों को राहत मिलेगी। खनन व्यवसाय फिर से पटरी पर आएगा और राज्य के निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी।