

Patalganga River Gas Cylinders Raigad: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार मानसूनी बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। नदियों के उफान और निचले इलाकों में जलभराव के बीच जिले के पेण और खालापुर क्षेत्र से एक बेहद हैरान और डराने वाली घटना सामने आई है। यहां की पातालगंगा नदी में अचानक सैकड़ों की संख्या में एलपीजी गैस सिलेंडर तेज बहाव के साथ तैरते हुए दिखाई दिए।
बाढ़ के पानी में बह रहे ये सिलेंडर तेजी से धरमतर खाड़ी की ओर बढ़ रहे थे। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नदी के मटमैले पानी में लाल रंग के सिलेंडरों का तांता लगा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है।
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, खालापुर स्थित अतिरिक्त महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम, चावणे (पातालगंगा) के प्लॉट नंबर E-1/7 में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड का एक बड़ा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और गोदाम स्थित है।
पिछले 24 घंटों में हुई अत्यंत भारी बारिश के कारण इस पूरे औद्योगिक क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुस गया। पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि गोदाम में रखे करीब 3,000 गैस सिलेंडर बाढ़ के तेज बहाव में बहकर सीधे पातालगंगा नदी में समा गए। बताया जा रहा है कि नदी में बहे इन सिलेंडरों में से कुछ पूरी तरह से गैस से भरे हुए हैं, जबकि कुछ खाली हैं, जिससे सुरक्षा का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी में इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों को बहता देख तटीय इलाकों के ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में उन्हें पानी से बाहर निकालने की होड़ मच गई। कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती नदी के किनारे पहुंचे और रस्सी व लोहे के हुक की मदद से सिलेंडरों को खींचते हुए नजर आए।
कुछ लोग इन सिलेंडरों को निकालकर अपने घरों की ओर ले जाते भी देखे गए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बाढ़ के पानी में भरे हुए सिलेंडरों का आपस में टकराना या उनके वॉल्व क्षतिग्रस्त होना किसी बड़े और आत्मघाती हादसे को न्यौता दे सकता है।
घटना के तुरंत बाद रायगढ़ के जिलाधिकारी ने नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से पुरजोर अपील की है कि वे बहकर आए इन सिलेंडरों को अपने घरों में छिपाकर न रखें। यदि किसी भी नागरिक को ये गैस सिलेंडर मिले हैं, तो वे उन्हें तुरंत संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार कार्यालय या HPCL के नजदीकी अधिकृत डीलर के पास जमा कराएं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा जांच के बाद ही इन सिलेंडरों को एकत्र करना संभव होगा। फिलहाल आपदा प्रबंधन की टीमें और पुलिस बल लापता सिलेंडरों को सुरक्षित रूप से वापस रिकवर करने की प्रक्रिया में जुटे हैं और पूरे मामले की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है।