

Raigarh Police Controversy: रायगड जिले के महाड शहर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक रमेश तडवी ने वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस महानिदेशक सदानंत दाते को पत्र लिखकर परिवार सहित आत्महत्या करने की धमकी दी है। हाल ही में उनका महाड शहर पुलिस थाने से अलीबाग पुलिस नियंत्रण कक्ष में तबादला किया गया था। दो वर्षों में दो बार हुए स्थानांतरण से वे आहत हैं।
तडवी ने आरोप लगाया है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके साथ जातिवादी टिप्पणियां कीं, अपमानजनक व्यवहार किया और मानसिक उत्पीड़न किया। महाड नगरपालिका चुनाव के दौरान मंत्री भरत गोगावले के पुत्र को मदद पहुंचाने के लिए उन पर अवैध दबाव डाला गया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक अभिजीत शिवथरे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी शंकर काले और पुलिस निरीक्षक मिलिंद खोपड़े ने तीन लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया।
निर्देशों का पालन न करने पर उनके खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही की झूठी रिपोर्ट दी गई और बदनामी की गई। तडवी के अनुसार, लोकसभा चुनाव के दौरान उनका ठाणे ग्रामीण से रायगड जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष में तबादला हुआ था।
जनवरी 2024 में उन्हें महाड शहर पुलिस थाने में प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया। बाद में फिर से उनका स्थानांतरण किया गया, जिसके खिलाफ उन्होंने एमएटी कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट से राहत मिलने के बाद भी मामला हाईकोर्ट तक गया और अंततः सितंबर 2025 में उन्हें दोबारा महाड में प्रभारी अधिकारी बनाया गया।
पत्र में तडवी ने यह भी आरोप लगाया कि पदभार संभालने के बाद उपविभागीय पुलिस अधिकारी शंकर काले और सहायक पुलिस निरीक्षक जीवन हिंदूराव माने ने उन्हें केबिन में बुलाकर धमकियां दीं और सार्वजनिक रूप से उनकी जाति को लेकर अपमानित किया।
लगातार हो रहे उत्पीड़न से वे और उनका परिवार मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। तडवी ने कहा है कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो उसके लिए संबंधित वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होंगे। मामले से पुलिस विभाग में हलचल मच गई है।