Pune Deputy Election Officer Minal Kalaskar: पुणे जिले में मतदाता सूचियों को पारदर्शी और पूरी तरह अद्यतन बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चलाया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत जिले के पंजीकृत लगभग 90 लाख 80 हजार मतदाताओं में से करीब 25 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की तैयारी की जा रही है। ये सभी मतदाता अनुपस्थित, दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित, मृत या फिर एक से अधिक वोटर लिस्ट में दर्ज पाए गए हैं। इन्हें प्रशासनिक भाषा में एएसडीडी श्रेणी के अंतर्गत रखा गया है, जिनकी अब दोबारा गहराई से जांच की जा रही है।
पुणे जिला निर्वाचन प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 17 अगस्त तक अपनी मतदाता स्थिति की अनिवार्य रूप से जांच कर लें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपने क्षेत्र के संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर से संपर्क करें। उपजिला निर्वाचन अधिकारी मीनल कलसकर ने बताया कि मतदाता सूची को त्रुटिमुक्त बनाने के लिए बीएलओ के माध्यम से घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराया गया है।
इस सघन अभियान के दौरान कई मतदाता अपने तय पते पर अनुपस्थित पाए गए, कुछ घरों पर ताले लटके मिले, तो कई लोग अन्य शहरों या राज्यों में जा चुके हैं।
इसके अलावा मृत और दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं की भी सटीक पहचान कर ली गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एएसडीडी श्रेणी में नाम आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मतदाता का नाम हमेशा के लिए काट दिया गया है। यदि किसी योग्य नागरिक का नाम गलती से इस सूची में आ गया है, तो वे तय प्रक्रिया के जरिए अपना वैध सत्यापन करवा सकते हैं।
आगामी 24 अगस्त को नई प्रारूप मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा। इसके तुरंत बाद आम नागरिकों और मतदाताओं को अपने दावे तथा आपतियों दाखिल करने का पूरा अवसर मिलेगा। 24 अगस्त से लेकर 23 सितंबर तक नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम में जरूरी सुधार तथा सूची से संबंधित सभी दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी।
इसके लिए नागरिकों को निर्धारित प्रपत्र, विशेष रूप से फॉर्म नंबर छह का उपयोग करना होगा। इन सभी दावों की सूक्ष्म जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। इसके अलावा 18 और 19 वर्ष के युवाओं के लिए भी पंजीकरण का नया द्वार खुलेगा।
'ए' यानी एब्सेंट (अनुपस्थित): दिए गए पते पर नहीं मिले या घर बंद मिला।
'एस' यानी शिफ्टेड (स्थानांतरित): पुराने पते से दूसरे शहर, जिले या स्थान पर रहने चले गए मतदाता।
'डी' यानी डेड (मृत): जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है।
'डी' यानी डुप्लीकेट (दोहरा पंजीकरण): जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज है।
अगस्त तक नागरिकों से अपनी स्थिति जांचने की अपील की गई
मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया हुई तेज
दिक्कत होने पर बीएलओ से संपर्क करने को कहा गया
मृत और स्थानांतरित मतदाताओं की विशेष जांच सूची