वैष्णवी हगवणे दहेज उत्पीड़न केस: सत्र न्यायालय ने 6 आरोपियों पर तय किए आरोप, 23 फरवरी से सुनवाई

Vaishnavi Hagwane दहेज उत्पीड़न प्रकरण में सत्र न्यायालय ने 6 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। 23 फरवरी से सुनवाई शुरू होगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मामला आत्महत्या से हत्या के संदेह में बदला।
Vaishnavi Hagwane
वैष्णवी हगवणे दहेज कांड (सौ. सोशल मीडिया )
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Vaishnavi Hagwane Dowry Case: पुणे में चर्चित वैष्णवी हगवणे दहेज उत्पीड़न प्रकरण में सत्र न्यायालय ने छह आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।

अदालत ने मामले की नियमित सुनवाई 23 फरवरी से शुरू करने का आदेश दिया है। इससे इस बहुचर्चित केस की न्यायिक प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर रही है।

पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने जुलाई 2025 में इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में वैष्णवी के ससुर राजेंद्र हगवणे, उनकी पत्नी, दो बेटे, एक बेटी और अन्य छह लोगों के नाम शामिल थे। वैष्णवी की मृत्यु के 58 दिन बाद यह चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की गई थी।

16 मई 2025 को मिला था शव

वैष्णवी हगवणे का शव 16 मई 2025 को पुणे के भुकूम इलाके स्थित ससुराल के घर में पंखे से लटका हुआ मिला था। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना गया, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान और अन्य संदिग्ध संकेत मिलने के बाद जांच की दिशा बदल गई।

दहेज उत्पीड़न और हत्या का संदेह

मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामला दहेज उत्पीड़न, क्रूरता और हत्या के संदेह में दर्ज किया गया। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी। हगवणे परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे। अब अदालत में आरोप तय होने के बाद अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच कानूनी लड़ाई शुरू होगी। 23 फरवरी से शुरू होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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