पुणे: ट्रैफिक जाम पर लगाम को पुलिस की त्रिसूत्रीय योजना, 500 चौराहों पर AI कैमरे, नियम तोड़ते ही कटेगा चालान

Pune Traffic Jam: पुणे पुलिस ने ट्रैफिक से निपटने के लिए त्रिसूत्रीय योजना बनाई है। इसके तहत शहर के 500 चौराहों पर AI कैमरे लगेंगे और आईटी कंपनियों में 'पब्लिक ट्रांसपोर्ट डे' की सिफारिश की गई है।
Pune police unveiled a 3-way plan to tackle traffic jams, including 500 AI cameras for automatic fines and recommending a 'Public Transport Day' for corporate firms.
पुलिस की त्रिसूत्रीय योजना (सोर्स सोशल मीडिया)
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Pune Intelligent Traffic Management AI cameras : पुणे शहर में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए पुणे पुलिस ने तकनीक, विशेषज्ञ सलाह और नागरिक सहभागिता पर आधारित त्रिसूत्रीय योजना तैयार की है। इसके तहत, शहर के करीब 500 प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वचालित कार्रवाई करेंगे।

यह जानकारी अपर पुलिस आयुक्त (यातायात) मनोज पाटिल ने शनिवार को आयोजित 'पुणे ट्रैफिक परिषद' में दी। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पश्चिमी संभाग की अध्यक्ष दीप्ति चौधरी की पहल पर पत्रकार संघ में आयोजित परिषद में पुलिस, आरटीओ, पीएमपीएमएल, मेट्रो प्रशासन, चिकित्सकों और यातायात विशेषज्ञों ने भाग लिया।

प्रोजेक्ट को हरी झंडी

मनोज पाटिल ने बताया कि 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम'का प्रस्ताव राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है। एफसी रोड और मुंबई की तर्ज पर शहर में उन्नत ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे पूरे शहर के यातायात का केंद्रीकृत नियंत्रण संभव होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 'ट्रैफिक व्यूअर ऐप'का भी प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।

'पब्लिक ट्रांसपोर्ट डे' की सिफारिश

पाटिल ने कहा कि ट्रैफिक जाम के कारण एक औसत पुणेकर अपने जीवन के लगभग दो वर्ष सड़कों पर गंवा देता है। वर्ष 1995 में 86 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला पुणे शहर अब 382 वर्ग किलोमीटर तक फैल चुका है, जिससे यातायात प्रबंधन की चुनौतियां बढ़ी हैं। हालांकि आगामी 100 किलोमीटर के मेट्रो नेटवर्क और नई तकनीकी व्यवस्था से हालात में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने शहर में प्रायोगिक तौर पर 'पे एंड पार्क' व्यवस्था लागू करने और आईटी व कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा सप्ताह में एक दिन 'पब्लिक ट्रांसपोर्ट डे' मनाने की सिफारिश की। ट्रैफिक डीसीपी संदीप भाजीभाकरे ने भी इस सुझाव का समर्थन किया।

शहर में बढ़ रहा वायु प्रदूषण का खतरा

उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी सुरेंद्र निकम ने बताया कि पुणे में लगभग 30 लाख दोपहिया और नौ लाख चारपहिया वाहन पंजीकृत हैं। यातायात विशेषज्ञ मंगेश कोलपकर ने कहा कि 44 लाख से अधिक वाहनों के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और सड़कों पर वाहनों की औसत गति घट रही है। उन्होंने अतिक्रमण और प्रभावी सार्वजनिक परिवहन की कमी को प्रमुख कारण बताया। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ। राहुल सावंत ने कहा कि ट्रैफिक जाम में एंबुलेंस और डॉक्टरों के फंसने से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। वहीं दीप्ति चौधरी ने कहा कि बढ़ता ट्रैफिक महिलाओं की सुरक्षा और शहर के विकास को प्रभावित कर रहा है।

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