Pune: केशवनगर में तीन अवैध नल कनेक्शन का खुलासा, विभाग पर मिलीभगत का आरोप

Pune के केशवनगर में ससाणे कॉलोनी में तीन अवैध नल कनेक्शन पकड़े गए। नागरिकों ने विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मनपा आयुक्त से जांच और कार्रवाई की मांग की।
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पुणे न्यूज (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: केशवनगर में ससाणे कॉलोनी के एक ही घर में तीन अवैध नल कनेक्शन लिए जाने का मामला सामने आया है। इस इलाके में वाटर सप्लाई और सड़क विभाग की अनुमति के बिना रात के समय अवैध नल कनेक्शन लेने का सिलसिला जारी है।

नागरिकों ने रात में अवैध कनेक्शन लेते हुए पकड़े गए प्लंबरों की तस्वीरें निकालकर वाटर सप्लाई विभाग के प्रमुख और इस क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर को भेजी थीं लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और ये कनेक्शन भी नहीं हटाए, इसलिए, नागरिकों ने मांग की है कि मनपा आयुक्त इस मामले की जांच का आदेश दें और दोषियों पर कार्रवाई करें।

विभाग की मिलीभगत का आरोप

केशवनगर में मेन वाटरलाइन पर कुछ प्लंबर द्वारा नागरिकों को अवैध कनेक्शन दिए जाने की जानकारी फोटो के साथ सीधे वाटर सप्लाई विभाग के अधीक्षण अभियंता नंदकिशोर जगताप और जूनियर इंजीनियर शाहिदखा पठान को बार-बार दी गई, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। हाल ही में, ससाणे कॉलोनी में सीमेंट-कंक्रीट की सड़क तोड़कर अवैध रूप से नल कनेक्शन देते हुए एक प्लंबर पकड़ा गया। उसने जल आपूर्ति और सड़क विभाग की कोई अनुमति लिए बिना रात के समय अवैध कनेक्शन दिया। महिलाओं का कहना है कि अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो अन्य नागरिकों के साथ अन्याय होगा।

नियमित उपभोक्ताओं को हो रहा नुकसान

  • कई अवैध कनेक्शनों के कारण नियमित रूप से पानी का बिल भरने वाले नागरिकों को पर्याप्त पानी नहीं मिलता है। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि नई इमारतों का निर्माण शुरू होने से पहले ही अवैध कनेक्शन ले लिए जाते है और शुरू से ही पूरी इमारत का निर्माण पीने के पानी से किया जाता है। नागरिकों का कहना है कि जल आपूर्ति विभाग इसकी अनदेखी कर रहा है।
  • स्थानीय शिवाजी काकडे का कहना है कि केशव नगर क्षेत्र में एक दिन छोड़कर कम दबाव से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन रात के समय कुछ प्लंबर मुख्य पानी पाइप लाइन का खुलेआम गड्ढा खोदकर अवैध कनेक्शन देते हैं। विभाग की जानकारी रखने वाले कर्मचारी के बिना ऐसा कनेक्शन लेना कठिन है, क्योंकि किसी बाहरी व्यक्ति को कैसे पता चलेगा कि मुख्य लाइन कहां से गुजर रही है? इसका मतलब है कि इस व्यवस्था में कोई न कोई कर्मचारी शामिल है। उन्होंने मांग की है कि मनपा इसकी जांच करे।
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