Purandar International Airport 2026 में उड़ान भरने को तैयार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज

Purandar International Airport परियोजना को नई रफ्तार मिली है। भूमि अधिग्रहण 20 नवंबर तक पूरा होगा। फरवरी 2026 तक निर्माण टेंडर जारी होने की उम्मीद की जा रही है। किसानों ने भी सहमति दे दी है।
Purandar International Airport Project
पुरंदर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Pune News In Hindi: लंबे समय से चर्चा में रही पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना अब एक बार फिर तेजी पकड़ रही है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 20 नवंबर 2025 तक पूरी कर ली जाएगी, जबकि वास्तविक मुआवजा वितरण की शुरुआत उसी दिन से होगी।

सरकार का लक्ष्य है कि फरवरी 2026 तक पूरी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया समाप्त कर दी जाए ताकि 2026 की पहली तिमाही में निर्माण कार्य का टेंडर जारी किया जा सके।

परियोजना को स्थानीय स्तर पर मिल रही है स्वीकार्यता

इस परियोजना की शुरुआत में करीब 3,500 एकड़ भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव था, लेकिन स्थानीय किसानों और ग्राम वासियों के विरोध के कारण सरकार ने इसे घटाकर 3,000 एकड़ कर दिया था। अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। जानकारी के मुताबिक स्थानीय भूमिधारकों ने स्वेच्छा से 240 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि देने की पेशकश की है। यह सकारात्मक संकेत है कि परियोजना को अब स्थानीय स्तर पर स्वीकार्यता मिल रही है, अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी बातचीत अंतिम चरण में है और किसानों को आकर्षक मुआवजा और पुनर्वास पैकेज देने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी किसान के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा महाराष्ट्र की सबसे बड़ी विमानन परियोजनाओं में से एक बनने जा रही है। इसके तकनीकी विनिर्देश बेहद उन्नत हैं। इस हवाई अड्डे पर दो समानांतर रनवे, प्रत्येक की लंबाई 4000 नीटर और चौड़ाई 60 मीटर होगी। यह हवाई अड्डा प्रतिवर्ष 75 मिलियन यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा। अत्याधुनिक टर्मिनल भवन, एटीसी टावर, एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स, एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) हब, और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी की सुविधा शामिल होगी।

महाराष्ट्र के भविष्य का द्वार

यदि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय पर पूरी होती है, तो 2026 के मध्य तक हवाई अड्डे का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। यह परियोजना पुणे और उसके आसपास के क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमानन नक्शे पर नई पहचान देगी। पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा केवल एक हवाई परियोजना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के भविष्य का द्वार है, जहां से उड़ाने केवल यात्रियों की नहीं, बल्कि राज्य की विकास यात्रा की भी होगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com