सुनेत्रा पवार ने रचा नया कीर्तिमान, देश में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड तोड़कर बारामती में फहराया परचम

Baramati By Poll Result: बारामती उपचुनाव में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने 2 लाख 18 हजार 930 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की है। तोड़ा यूपी के सुनील कुमार शर्मा और दिवंगत अजित पवार का रिकॉर्ड।
Sunetra Pawar created a new record, breaking the record for the biggest victory in the country and hoisting the flag in Baramati
सुनेत्रा पवार (सोशल मीडिया)
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Sunetra Pawar Breaks Record: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से बारामती का नाम पूरे देश में गूंज रहा है। बारामती विधानसभा क्षेत्र में हुए बहुचर्चित उपचुनाव में महायुति की उम्मीदवार और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने एक ऐसा ऐतिहासिक और एकतरफा विजय हासिल किया है, जिसकी चर्चा पूरे राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।

सुनेत्रा पवार ने महज एक जीत दर्ज नहीं की है, बल्कि उन्होंने देश के चुनावी इतिहास में सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल करने का एक नया और अकल्पनीय रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। 24वें दौर की मतगणना के अंत तक, सुनेत्रा पवार को 2 लाख 18 हजार 930 वोटों की भारी बढ़त मिली, जिसने उन्हें देश की राजनीति में एक अमिट पहचान दिला दी है।

सुनील कुमार शर्मा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त

इस बंपर और अभूतपूर्व जीत के साथ ही सुनेत्रा पवार ने उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद से विधायक सुनील कुमार शर्मा के उस रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया है, जिसे तोड़ना बेहद मुश्किल माना जा रहा था। ज्ञात हो कि साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में सुनील कुमार शर्मा ने 2 लाख 14 हजार 835 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज कर देश में सबसे बड़ी जीत का कीर्तिमान अपने नाम किया था। लेकिन अब बारामती उपचुनाव में 2 लाख 18 हजार 930 वोटों के जादुई और ऐतिहासिक आंकड़े को पार करके सुनेत्रा पवार ने सुनील कुमार शर्मा को पछाड़ दिया है।

अजित पवार के 2019 के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा

राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड तोड़ने के साथ-साथ सुनेत्रा पवार ने बारामती के स्थानीय और पारिवारिक राजनीतिक इतिहास में भी एक नया पन्ना जोड़ा है। इससे पहले बारामती विधानसभा सीट पर सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड दिवंगत अजित पवार के नाम दर्ज था। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में अजित पवार ने भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन उम्मीदवार गोपीचंद पडलकर को 1 लाख 65 हजार 265 वोटों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी थी। उस समय यह माना जा रहा था कि बारामती में अजित पवार के इस जादुई आंकड़े (1,65,266 वोट) को शायद ही कोई पार कर सके। परंतु, सुनेत्रा पवार ने इस मिथक को तोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

विपक्षी उम्मीदवारों की करारी हार और नाममात्र का मुकाबला

अगर इस उपचुनाव के मतदान प्रतिशत और माहौल की बात करें, तो बारामती में महज 58.17 प्रतिशत मतदान ही दर्ज किया गया था। शुरुआत से ही यह चुनाव महायुति की उम्मीदवार सुनेत्रा पवार के पक्ष में एकतरफा नजर आ रहा था। इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि उनके सामने किसी भी प्रमुख विपक्षी दल का कोई भी कद्दावर उम्मीदवार मैदान में नहीं था। विपक्षी खेमे से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार आकाश मोरे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, जिसके बाद सुनेत्रा पवार की जीत सुनिश्चित हो गई थी।

कांग्रेस उम्मीदवार के पीछे हटने के बाद मैदान में सुनेत्रा पवार के खिलाफ कुल 22 उम्मीदवार बचे थे, लेकिन इनमें से कोई भी प्रमुख राजनीतिक दल से संबंध नहीं रखता था। कुछ पंजीकृत छोटे दल जैसे न्यू राष्ट्रीय समाज पार्टी के उम्मीदवार आर. वाई. घुटुकड़े (सोलापुर) और हिंदुस्तान जनता पार्टी के सतीश कदम (जत) मैदान में थे। बाकी 20 उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में अपनी किस्मत आजमा रहे थे, जिनमें 8 स्थानीय बारामती के और अन्य बाहर के थे।

सभी निर्दलीय उम्मीदवार हारे

इन निर्दलीय उम्मीदवारों में धनंजय मुंडे की पत्नी करुणा मुंडे और लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस मराठी फेम अभिजीत बिचुकले जैसे चर्चित चेहरे भी शामिल थे। हालांकि, सुनेत्रा पवार की लोकप्रियता की आंधी के सामने ये सभी 22 उम्मीदवार मिलकर केवल 4,837 वोट ही हासिल कर सके। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बारामती की जनता ने सुनेत्रा पवार पर किस हद तक अपना पूर्ण विश्वास जताया है। अब सर्वाधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज कर सुनेत्रा पवार ने भारतीय चुनावी इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिखवा लिया है।

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