राहुरी उपचुनाव में BJP के अक्षय कर्डिले की बड़ी जीत, शरद पवार गुट के गोंविद मोकाटे को 1 लाख के अंतर से हराया

Rahuri Assembly By Election Result: अहिलानगर की राहुरी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अक्षय कर्डिले ने 1 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है।
Akshay Kardile Wins Rahuri By-election
अक्षय कर्डिल अपने पिता शिवाजी कर्डिले के साथ (फाइल फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Akshay Kardile Wins Rahuri By-election: महाराष्ट्र में बारामती और राहुरी विधानसभा उपचुनाव के लिए आज मतगणना जारी है। अहिल्यानगर की राहुरी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का नतीजा सामने आ गया है। भारतीय जनता पार्टी के अक्षय कर्डिले ने 1 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है। अक्षक कर्डिले ने शरद पवार गुट के गोविंद मोकाटे को भारी मतों से हराया है।

अक्षय कर्डिले कितने वोटों से जीते

राहुरी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी अक्षय कर्डिले ने 1 लाख 12 हजार 587 वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 1 लाख 40 हजार 93 वोट मिले। वहीं उनके प्रतिद्वंदी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रत्याशी गोंदिव मोकाटे को केवल 27 हजार 506 वाेट मिले।

शिवाजी कर्डिले के निधन से खाली हुई थी सीट

राहुरी विधानसभा सीट बीजेपी विधायक शिवाजी कर्डिले के निधन से खाली हुई थी। 17 अक्टूबर 2025 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। कर्डिले के निधन से खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव के लिए बीजेपी ने उनके बेटे अक्षय कर्डिले को अपना उम्मीदवार बनाया था। यह जीत अक्षय और बीजेपी के लिए अहम मानी जा रही थी।

इधर बारामती विधानसभा उपचुनाव में राज्य की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार एकतरफा जीत दर्ज की है। उन्होंने 2 लाख 18 हजार 930 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की।

प्राजक्त तनपुरे ने आखिरी समय में नामांकन वापस लिया

बता दें कि राहुरी विधानसभा उपचुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने आखिरी समय में नामांकन वापस लेने के फैसले ने सबको चौंका दिया था। इसके बाद शरद पवार गुट ने गोविंद मोकाटे को अपना प्रत्याशी बनाया था। प्राजक्त तनपुरे के नाम वापस लेने से ठीक पहले भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने उनसे लंबी चर्चा की थी। चर्चा तो यह भी है कि खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तनपुरे से फोन पर बात की थी। इस हाई-प्रोफाइल हस्तक्षेप के तुरंत बाद तनपुरे ने मैदान छोड़ दिया, जिससे शरद पवार खेमे में खलबली मच गई।