पुणे यूनिवर्सिटी की मेस पर चला तुकाराम मुंढे का हंटर, छात्रों की सेहत से खिलवाड़ पर हुआ लाइसेंस रद्द
Tukaram Mundhe FDA Action: पुणे यूनिवर्सिटी SPPU की मेस में फूड क्वालिटी और स्वच्छता में लापरवाही पर FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे की बड़ी कार्रवाई। लाइसेंस रद्द, ठेकेदार पर होगी कानूनी कार्रवाई।
- Written By: गोरक्ष पोफली
SPPU की मेस और तुकाराम मुंढे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune University Mess License Cancelled: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने एक बार फिर अपनी दबंग और सख्त कार्यशैली का परिचय दिया है। इस बार उनके निशाने पर राज्य का प्रतिष्ठित शैक्षणिक केंद्र सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय आया है। मेस में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद, प्रशासन ने मेस का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
निरीक्षण में खुली पोल
हाल ही में एफडीए की टीम ने विश्वविद्यालय की मेस का औचक निरीक्षण किया था। इस जांच के दौरान अधिकारियों को वहां की स्थिति देख कर गहरा धक्का लगा। रिपोर्ट के अनुसार, मेस में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया था। इसके अलावा, भोजन बनाने की प्रक्रिया में स्वच्छता के बुनियादी नियमों का पालन नहीं हो रहा था और अन्न की गुणवत्ता में भी कई गंभीर खामियां पाई गईं। इन लापरवाहियों को देखते हुए प्रशासन ने न केवल लाइसेंस रद्द किया, बल्कि संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
पूरे महाराष्ट्र में सर्जिकल स्ट्राइक
जब से तुकाराम मुंढे ने एफडीए आयुक्त का पदभार संभाला है, पूरे राज्य में मिलावटखोरों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। उनकी इस मुहिम को ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के तौर पर देखा जा रहा है। आंकड़ों की बात करें तो-
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- मात्र 6 दिनों के भीतर राज्य भर में 203 ठिकानों पर छापेमारी की गई।
- इस दौरान 102 लोगों को गिरफ्तार किया गया और नियमों का उल्लंघन करने वाली 68 दुकानों व होटलों को बंद करवा दिया गया।
- एक ही दिन की बड़ी कार्रवाई में लगभग 4 करोड़ रुपये का संदिग्ध स्टॉक जब्त किया गया था।
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दहशत में मिलावटखोर
मुंढे की इस सख्ती का असर इतना व्यापक है कि सोलापुर जैसे जिलों में अवैध गुटखा बेचने वाले विक्रेताओं ने कार्रवाई के डर से अपनी दुकानों को खुद ही ताले लगा दिए हैं। हालांकि, इस बीच तुकाराम मुंढे को धमकियां मिलने की खबरें और एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुई थी, जिस पर उन्होंने खुद स्पष्ट किया कि वे इस तरह के दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं और पुणे से जुड़े ऐसे किसी भी खतरे का डटकर मुकाबला करेंगे।
पुणे विश्वविद्यालय की मेस पर हुई इस कार्रवाई ने राज्य के अन्य शैक्षणिक संस्थानों और कैंटीन संचालकों के लिए एक कड़ी चेतावनी जारी कर दी है कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ किया गया कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
