पुणे मनपा बैठक में AAP का भारी हंगामा, स्कूलों के निजीकरण के विरोध में गैलरी से लहराए पोस्टर और की नारेबाजी

Pune PMC General Body Meeting: पुणे मनपा की बैठक में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरकारी स्कूलों के निजीकरण के खिलाफ जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-पंजाब शिक्षा मॉडल की मांग की।
AAP workers staged a chaotic protest in Pune Municipal Corporation's general body meeting, opposing the privatization of civic schools and demanding reforms.
पुणे मनपा बैठक (फोटो- सोशल मीडिया)
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Pune Municipal Corporation General Body Meeting: पुणे महानगर पालिका की जनरल बॉडी बैठक बुधवार को उस समय हंगामेदार हो गई, जब आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने मनपा स्कूलों के कथित निजीकरण के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक गैलरी से पोस्टर लहराते हुए नारेबाजी की और प्रशासन पर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया।

विरोध का केंद्र स्थायी समिति का वह निर्णय था, जिसके तहत 'आकांक्षा एजुकेशन फाउंडेशन' को प्रति छात्र लगभग 25 हजार रुपये का आर्थिक अनुदान देने की मंजूरी दी गई है। मनपा की कुछ स्कूलें वर्तमान में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत निजी संस्थाओं द्वारा संचालित की जा रही हैं, जिसका आम आदमी पार्टी लगातार विरोध करती रही है।

बैठक के दौरान 'आप' कार्यकर्ताओं ने  पुणे 'मनपा स्कूल बचाओ' और 'दिल्ली-पंजाब मॉडल लागू करो' जैसे नारे लगाए। अचानक हुए प्रदर्शन से सदन में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। विरोध के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने कांच पर सिर मारकर भी अपना आक्रोश व्यक्त किया, जिससे सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।

निजी संस्थाओं को बढ़ावा दे रहा मनपा प्रशासन

आम आदमी पार्टी के नेता मुकुंद किर्दत ने आरोप लगाया कि मनपा प्रशासन सरकारी स्कूलों को सशक्त बनाने के बजाय निजी संस्थाओं को बढ़ावा देने की नीति अपना रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार करने के बजाय उन्हें निजी संस्थाओं के हवाले किया जा रहा है, जो शिक्षा के अधिकार और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था की भावना के विपरीत है।

वहीं, सत्तापक्ष के नेताओं ने सदन में हुए प्रदर्शन को नियमों और संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि जनरल बॉडी बैठक के दौरान इस तरह का विरोध उचित नहीं है। हालांकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनने और उन पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता जताई।

अंततः प्रशासन की ओर से मांगों पर सकारात्मक विचार करने और संबंधित मुद्दों की समीक्षा का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। घटना के बाद मनपा मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई। यह मुद्दा अब शहर की शिक्षा नीति और मनपा स्कूलों के भविष्य को लेकर नई बहस का विषय बन गया है।

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