शरद पवार व सुनेत्रा पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sharad Pawar On By-election: महाराष्ट्र की राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले शरद पवार ने एक बार फिर अपने बयानों से सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सोमवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए शरद पवार ने बारामती लोकसभा सीट पर मचे घमासान और पवार परिवार के भीतर चल रही खींचतान पर खुलकर अपनी बात रखी।
शरद पवार ने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के चुनाव लड़ने पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस दुखद परिस्थिति और दौर से अजित पवार को गुजरना पड़ा है, उसे देखते हुए इस बार बारामती से पवार परिवार के किसी भी सदस्य को चुनाव मैदान में नहीं उतरना चाहिए था। यह बयान इस ओर इशारा करता है कि शरद पवार अभी भी परिवार के भीतर हुई इस सियासी टूट से आहत हैं।
जब उनसे सुनेत्रा पवार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “पवार परिवार में परंपरा रही है कि परिवार का बड़ा सदस्य ही मुखिया की भूमिका निभाता है। मैं उस नाते मुखिया हूं। सुनेत्रा मुझसे आशीर्वाद लेने आई थीं और मैंने उन्हें आशीर्वाद दिया भी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं उनके लिए बारामती में प्रचार करने जाऊंगा।” उन्होंने आगे कहा कि सुनेत्रा को निर्विरोध जिताने का उन्होंने कोई प्रयास नहीं किया, क्योंकि चुनावी राजनीति में हर उम्मीदवार को पता होता है कि उसके सामने कोई न कोई चुनौती जरूर होगी।
सुनेत्रा पवार की जीत की संभावनाओं पर चुटकी लेते हुए शरद पवार ने दो टूक कहा, “मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं जो यह बता सकूं कि कौन जीतेगा।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भले ही वह राज्यसभा सदस्य के रूप में दिल्ली में हों, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति की कमान और रणनीतिक ‘तीर’ वह दिल्ली से ही चलाते रहेंगे।
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शरद पवार ने अजित पवार के बेटे पार्थ पवार द्वारा कांग्रेस के खिलाफ दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजनीति में परिपक्वता आने में समय लगता है। उनके इस बयान को पार्थ की राजनीतिक समझ पर सवाल के रूप में देखा जा रहा है।