21.1 KM की दौड़ पूरी करने के बाद बिगड़ी तबीयत, एंजियोप्लास्टी के चार घंटे बाद पुणे के पूर्व वैज्ञानिक की मौत

Pune Former Scientist Death: सातारा हिल हाफ मैराथन के दौरान पुणे के 65 वर्षीय पूर्व वैज्ञानिक संजय कदम की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें दूसरा दौरा पड़ा था।
Former Pune scientist Sanjay Kadam died of a heart attack during the Satara Hill Half Marathon
दिल का दौरा सोर्स- सोशल मीडिया
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Satara Hill Half Marathon Pune Ex Scientist Sanjay Kadam Death: सातारा जिले में आयोजित सातारा हिल हाफ मैराथन के दौरान पुणे के 65 वर्षीय पूर्व वैज्ञानिक संजय कदम की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। 21.1 किलोमीटर की इस कठिन दौड़ में करीब 7,700 धावकों ने हिस्सा लिया था।

दौड़ के दौरान बिगड़ी तबीयत

पश्चिमी घाट की खड़ी चढ़ाई और तीखी ढलानों के कारण सातारा हिल हाफ मैराथन को देश की कठिन दौड़ों में शामिल माना जाता है। संजय कदम पहली बार इस मैराथन में हिस्सा ले रहे थे। सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच दौड़ पूरी करने की ओर बढ़ते समय उन्हें बेचैनी महसूस हुई।

एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया

कदम की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची एंबुलेंस में उन्हें तत्काल आपात उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति की जांच शुरू की।

मुख्य धमनी पूरी तरह बंद मिली

अस्पताल में हुई एंजियोग्राफी में संजय कदम की एक मुख्य धमनी पूरी तरह बंद मिली। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल एंजियोप्लास्टी की और बंद धमनी में स्टेंट डाला। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और कुछ समय के लिए वे स्थिर हो गए थे।

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चार घंटे बाद फिर आया हार्ट अटैक

इलाज के करीब चार घंटे बाद पुणे शहर के पूर्व वैज्ञानिक संजय कदम को दोबारा दिल का दौरा पड़ा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए उपचार किया, लेकिन उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मैराथन में शामिल धावकों और आयोजकों के बीच शोक का माहौल है।

करीब 7,700 धावकों ने पूरी की दौड़

सातारा हिल हाफ मैराथन में करीब 7,700 धावकों ने 21.1 किलोमीटर की दौड़ पूरी की। पश्चिमी घाट के चुनौतीपूर्ण भूगोल के कारण यह दौड़ प्रतिभागियों के लिए काफी कठिन मानी जाती है। संजय कदम की मौत ने लंबी दूरी की दौड़ के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

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