

पुणे में आरएसएस के बैनर पर हेडगेवार के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर लगाई गई थी।
तस्वीर को संघ के संस्थापकों के समकक्ष रखे जाने से स्थानीय शिवभक्तों और युवाओं में भारी आक्रोश देखा गया।
गुस्साए युवाओं ने समझदारी दिखाते हुए कटर से बैनर को काटकर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर अलग कर ली।
Chhatrapati Shivaji Maharaj RSS Banner Video: महाराष्ट्र के पुणे में RSS के एक विवादित बैनर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुणे में केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल के नाम से एक सार्वजनिक बैनर लगाया गया था। इस बैनर में महाराष्ट्र के आराध्य दैवत छत्रपति शिवाजी महाराज की फोटो को संघ के संस्थापकों और नेताओं की तस्वीरों के ठीक बगल में और उनके समकक्ष रखा गया था।
छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को डॉ. के.बी. हेडगेवार और एम.एस. गोलवलकर के समकक्ष रखे जाने से स्थानीय युवाओं और शिवभक्तों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में पूरी घटना साफ तौर पर देखी जा सकती है। वीडियो में दिखता है कि कुछ युवा बेहद शांतिपूर्वक मौके पर पहुंचते हैं और पहले बैनर को नीचे उतारते हैं। इसके बाद वे एक कटर की मदद से छत्रपति शिवाजी महाराज की फोटो को बैनर से काटकर पूरी तरह अलग कर देते हैं। तस्वीर को सम्मानपूर्वक अलग करने के बाद युवाओं ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जय के नारे लगाए।
शिवभक्त कार्यकर्ताओं का आरोप था कि छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना संघ के नेताओं से करना या उन्हें उनके समकक्ष दिखाना शिवाजी महाराज का अपमान है। आरएसएस महाराष्ट्र में अपने कार्यक्रमों के दौरान शिवाजी महाराज की तस्वीर का इस्तेमाल कम ही करता है। ऐसे में बैनर पर महाराज की फोटो को संघ नेताओं के बराबर लगाना लोगों को पसंद नहीं आया और गुस्साए युवकों ने बैनर से तस्वीर हटा दी।
घटना का वीडियो इंटरनेट पर आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और फेसबुक पर यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। शिवप्रेमी कार्यकर्ताओं ने लिखा कि शिवभक्तों ने सही समय पर समझदारी दिखाते हुए बैनर से छत्रपति की प्रतिमा को अलग कर लिया। साथ ही संघ पर निशाना साधते हुए कहा गया कि उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल शिवजयंती पर भी छत्रपति को अभिवादन नहीं करते। इस घटना ने पुणे से लेकर पूरे राज्य में सामाजिक और राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।