फिर से बढ़ी बारिश की तीव्रता, महाराष्ट्र में बारिश की चेतावनी; मराठवाड़ा में येलो अलर्ट

Maharashtra Weather Update : महाराष्ट्र में फिर से गरज और बिजली के साथ भारी बारिश की संभावना है और मौसम विभाग ने मराठवाड़ा और विदर्भ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
फिर से बढ़ी बारिश की तीव्रता
फिर से बढ़ी बारिश की तीव्रता (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Pune News: महाराष्ट्र में बारिश की तीव्रता फिर से बढ़ गई है और मौसम विभाग ने कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। राज्य के कुछ जिलों में आज (21 सितंबर) येलो अलर्ट जारी किया गया है और नागरिकों से सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है। मराठवाड़ा में बादल फटने जैसी बारिश जारी है और आज फिर भारी बारिश की संभावना है।छत्रपति संभाजीनगर में बादल छाए रहेंगे, कुछ जगहों पर भारी बारिश होगी।

जालना, बीड, परभणी, हिंगोली, नांदेड़, लातूर, धाराशिव में बिजली गिरने, 30-40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मराठवाड़ा में 24 सितंबर तक भारी बारिश जारी रह सकती है।

कोंकण और मुंबई क्षेत्र

मुंबई शहर और उपनगरों में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश की संभावना है।रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों के लिए येलो अलर्ट। ठाणे, पालघर और सिंधुदुर्ग में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।

पश्चिमी महाराष्ट्र

पुणे और सोलापुर जिलों के लिए येलो अलर्ट। पुणे के घाटमाथा, सतारा, सांगली और कोल्हापुर में दोपहर या शाम को तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर महाराष्ट्र

नासिक और अहमदनगर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।नासिक, धुले, नंदुरबार और जलगाँव के घाट क्षेत्र में गरज के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है।

विदर्भ में भारी बारिश

विदर्भ के सभी 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अमरावती, अकोला, यवतमाल, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर, गढ़चिरौली समेत पूरे विदर्भ में आज भारी बारिश की संभावना है।मराठवाड़ा और विदर्भ समेत राज्य के अधिकांश जिलों में आज और अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागरिकों और किसानों को मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

किसानों के लिए सलाह

लगातार बारिश से किसान परेशान हैं और अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा करनी चाहिए।

खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी व्यवस्था का ध्यान रखें।

तूफानी हवाओं से बचने के लिए सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

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