Pune में जमीन सौदे विवाद पर नया मोड़, अमेडिया निदेशकों को नहीं मिली जिम्मेदारी

Parth Pawar News: Pune में दो अलग-अलग जमीन मामलों को लेकर अमेडिया कंपनी पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन पुलिस ने बीपीडी जमीन केस में कंपनी के निदेशकों को क्लीन चिट दी है।
Parth Pawar Land Scam
शीतल तेजवानी और पार्थ पवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Parth Pawar Land Scam Case: उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पुत्र पार्थ पवार जिस अमेडिया कंपनी के निदेशक हैं, इस कंपनी पर दो जमीन मामलों को लेकर मामला दर्ज होने से खलबली मच गयी थी।

अब इसको लेकर पुणे पुलिस ने लीपापोती करते हुए स्पष्ट किया है कि दोनों जमीन मामले अलग-अलग हैं, और बोपोडी जमीन मामले में अमेडिया कंपनी के निदेशक दिग्विजय पाटिल और शीतल तेजवानी का कोई संबंध नहीं है।

हालांकि, दो दिनों तक चले भ्रम और हंगामे के बाद पुणे पुलिस का यह अचानक यह स्पष्टीकरण देना कि अमेडिया कंपनी का बीपीडी जमीन लेनदेन से कोई सरोकार नहीं है।आश्चर्य का विषय बना हुआ है। इस बीच बता दें कि महसूल विभाग ने अपने शिकायत में दिग्विजय पाटिल और शीतल तेजवानी का नाम अपने शिकायत में दिए थे।

लेकिन, कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि बाद में पुणे पुलिस ने उन्हें कैसे क्लीन चिट दे दिया। पिंपरी-चिंचवड़ बावधन पुलिस स्टेशन में मुंढवा की 40 एकड़ जमीन की अनियमित खरीद मामले में शीतल किशनचंद तेजवानी, दिग्विजय अमरसिंह पाटिल और रवींद्र बालकृष्ण पाटिल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (5), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।

दिग्विजय व शीतल को क्लीन चिट

दूसरा केस खडकी पुलिस स्टेशन में बीपीडी जमीन मामले में तहसीलदार सूर्यकात येवले, हेमंत गवंडे, शीतल तेजवानी और अमेडिया कंपनी के निदेशक दिग्विजय पाटिल सहित 9 लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था। इस प्रकार दो अलग-अलग जमीन मामलों में दो स्वतंत्र केस दर्ज हुए। इस बीच, चूंकि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पुत्र पार्थ पवार अमेडिया कंपनी के निदेशक है, इसलिए बड़ा हंगामा मच गया, जबरदस्त आरोप और सवाल उठाए जाने के बाद अजीत पवार ने घोषणा की है कि ये लेनदेन रद्द कर दिए गए हैं।

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