पुणेकरों को पानी कटौती से फौरी राहत, PMC और जल संसाधन विभाग की बैठक में कोई निर्णय नहीं
- Written By: प्रभाकर दुबे
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पुणे: कम बारिश के अनुमान के कारण पुणेकरों (Punekars) पर पानी कटौती (Water Cut) की लटकती तलवार फिलहाल टल गई है। जल संसाधन विभाग और पुणे महानगरपालिका (PMC) के जलापूर्ति विभाग की बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है। इसके कारण कुछ दिनों के लिए पानी कटौती का निर्णय टल गया है। इसी बीच, आने वाले दिनों में पुणे के पालकमंत्री चंद्रकांत पाटिल (Pune Guardian Minister Chandrakant Patil) की उपस्थिती में नहर समिति की बैठक में इस संबंधी में निर्णय लिए जाने की संभावना हैं।
पुणे शहर को जलापूर्ति करने वाली खडकवासला बांध श्रृंखला में लगभग साढ़े बारह से 13 टीएमसी पानी बचा है। पिछले साल की तुलना में स्टॉक में ज्यादा अंतर नहीं है। अगले चार महीने की जलापूर्ति पर विचार किया जाए तो पुणे महानगरपालिका को 7 टीएमसी पानी की जरुरत है। साथ ही जल संसाधन विभाग को कृषि के लिए ग्रीष्मकालीन सिंचाई प्रदान करने के लिए लगभग पांच टीएमसी पानी की आवश्यकता होगी।
अल नीनो से प्रभावित हो सकता है मानसून
अल नीनो इस साल की बारिश को प्रभावित कर सकता है। इसलिए संभावित स्थिति के लिए राज्य सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने सभी स्थानीय निकायों को 31 अगस्त तक उपलब्ध जल स्टॉक की योजना बनाने के आदेश दिए है। इसके मुताबिक महानगरपालिका ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
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तेरह स्थानों में लीकेज का पता चला
मंगलवार को महानगरपालिका जलापूर्ति विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में पानी की कटौती को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ। हालांकि, इस बैठक में महानगरपालिका द्वारा पानी के रिसाव को रोकने के लिए किए गए उपायों पर चर्चा की गई। पानी के रिसाव का पता लगाने के लिए महानगरपालिका ने प्रायोगिक तौर पर ऑकेस्टिक सेंसर की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इस तकनीक की मदद से वड़गांव जल केंद्र से कात्रज स्थित केदारेश्वर जलाशय तक मुख्य नाले में 13 जगहों पर रिसाव देखा गया है। इसके अनुसार लीकेज को बंद करने का काम शुरू कर दिया गया है।
पानी का दुरूपयोग करने वालों पर कार्रवाई
पानी की बर्बादी न हो इसके लिए महानगरपालिका ने निर्माण, धुलाई में पेयजल का उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। कुछ बिल्डरों ने निर्माण के लिए उपचारित जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। वाशिंग सेंटर को भी निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के नलों को तोड़ा जा रहा है। इसी तरह गर्मी की अवधि में किसी भी प्रकार के नए नल कनेक्शन का प्रावधान बंद कर दिया गया है।
