पुणे में टैंकर जलापूर्ति पर बड़ा सवाल, मीटर बंद और रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी के आरोप

Pune Tanker Water Supply: टैंकर से होने वाली जलापूर्ति पर गंभीर सवाल उठे हैं।स्टिंग ऑपरेशन में रिकॉर्ड और वास्तविक टैंकर संख्या में भारी अंतर सामने आया, जिससे PMC की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
Pune Monsoon Preparation Drain Cleaning Work Delay
पुणे ड्रेन सफाई में देरी (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Pune Tanker Water Supply Irregularities: शहर में टैंकरों के जरिए होने वाली जलापूर्ति एक बार फिर विवादों के घेरे में है, विभिन्न टैंकर पॉइंट्स से पानी वितरण की प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस पूरे मामले में पुणे महानगरपालिका प्रशासन की 'मूक सहमति' नजर आती है। वर्तमान में पुणे महानगरपालिका वडगांव शेरी, पर्वती, चतुःश्रृंगी, येरवडा, रामटेकडी, पद्मावती और पटवर्धन बाग सहित 7 स्थानों पर टैंकर फिलिंग पॉइंट संचालित करती है। इन केंद्रों से होने वाली सप्लाई का कोई सटीक रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है।

विशेष रूप से एरंडवणे स्थित पटवर्धन बाग टैंकर पॉइंट इस विवाद का केंद्र बना हुआ है, जहां पानी का मीटर पिछले कई महीनों से बंद है। क्रिएटिव फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप खर्डेकर ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में नागरिकों द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। रजिस्टर में जहां केवल 18 टैंकर दर्ज थे, वहीं हकीकत में 50 टैंकर भरे गए।

खर्डेकर ने सवाल उठाया कि जब मीटर बंद है, तो महापालिका पानी के वितरण का हिसाब कैसे रख रही है? खर्डेकर ने कहा कि अगर प्रशासन मौजूदा टैंकर पॉइंट्स के मीटर भी ठीक से मेंटेन नहीं कर पा रहा है, तो भविष्य में लाखों मीटर का प्रबंधन कैसे करेगा? उन्होंने मजबूत मीटर रखरखाव प्रणाली लागू करने की मांग की है।

चतुः श्रृंगी पॉइंट पर 'ओटीपी' प्रणाली लागू

वर्तमान में केवल चतुः श्रृंगी पॉइंट पर 'ओटीपी' आधारित प्रणाली लागू है, जबकि अन्य स्थानों पर पुराने रजिस्टर के भरोसे काम चल रहा है। यह भी आरोप है कि कई टैंकरों की एंट्री ही नहीं की जाती।

इसके अलावा, जिन सोसायटियों में पानी भेजा जाता है, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों के हस्ताक्षर भी बिलों पर नहीं लिए जाते है। इससे यह संदेह गहरा गया है कि मुफ्त सप्लाई वाला पानी कहीं अवैध रूप से बेचा तो नहीं जा टैंकर नागरिकों की मांग पर भेजे गए या राजनीतिक सिफारिश पर, इसकी भी पारदर्शी रिकॉर्डिंग जरूरी रहा।

बताई जा रही है। शहर को खड़कवासला डैम और भामा आसखेड बांधों से पानी की आपूर्ति होती है। जिन इलाकों में पाइपलाइन व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, वहां टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जाता है। ऐसे में इस पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता और नियंत्रण बेहद जरूरी हो जाता है।

एरंडवणे स्थित पटवर्धन बाग टैंकर भराव केंद्र का मीटर पिछले कुछ महीनों से बंद है, यह सही है। इसे ठीक किया जा सकता है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर नया मीटर लगाया जाएगा,

- नंदकुमार जगताप, जल आपूर्ति प्रमुख, पुणे मनपा

महापालिका का पक्ष

  • महानगरपालिका हर साल टैंकरों के जरिए मुफ्त जलापूर्ति पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च करती है।
  • इस भ्रष्टाचार के आरोपों पर जल आपूर्ति प्रमुख नंदकुमार जगताप ने कहा कि पटवर्धन बाग केंद्र का मीटर बंद होने की जानकारी हमें है।
  • इसकी जांच की जाएगी कि इसे ठीक किया जा सकता है या नया मीटर लगाने की आवश्यकता है।
  • प्रशासन की इस ढिलाई के कारण नागरिकों में रोष है, क्योंकि एक तरफ शहर पानी की किल्लत से जूझ रहा है और दूसरी तरफ उपलब्ध पानी के प्रबंधन में इतनी बड़ी लापरवाही बरती जा रही है।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com