

Pune Municipal Corporation Meeting Walkout Opposition: पुणे मनपा की मुख्य सभा में शुक्रवार को भारी हंगामा और राजनीतिक गतिरोध देखने को मिला।
विपक्षी दलों ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन और मनमानी का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
विपक्ष की मुख्य नाराजगी सभा के संचालन के तरीके और नगरसेवकों को जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय न दिए जाने को लेकर थी। विपक्ष के नेता निलेश निकम ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही एक 'स्थगन प्रस्ताव' पेश किया।
उन्होंने मांग की कि इस बैठक को केवल एक दिन में सीमित न कर आगामी दो से तीन दिनों तक चलाया जाए, निकम का तर्क था कि शहर के विस्तार और बढ़ती नागरिक समस्याओं को देखते हुए सभी नगरसेवकों को अपने प्रभाग के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने और प्रशासन से जवाब मांगने के लिए अधिक समय चाहिए।
जब स्थगन प्रस्ताव पर मतदान की स्थिति आई, तो सताधारी भाजपा ने अपने संख्या बल के आधार पर विपक्ष की मांग को ठुकरा दिया। इससे क्षुब्ध होकर विपक्षी नगरसेवक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। विपक्ष की अनुपस्थिति में भाजपा ने 95 बनाम 0 मतों से स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया और सभा की कार्यवाही जारी रखी।
सदन से वॉकआउट करने के बाद विपक्षी नेताओं ने मीडिया के समक्ष अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा का यह तानाशाही रवैया लोकतंत्र के खिलाफ है। विपक्षी नगरसेवकों ने चेतावनी दी कि यदि जनप्रतिनिधियों को जनहित के मुद्दे उठाने से रोका गया, तो वे सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।