पुणे रेलवे स्टेशन अपराधियों का अड्डा बन गया है? सांसद मेधा कुलकर्णी के औचक निरीक्षण में खुली पोल, मचा हड़कंप

Pune Railway Station Security: पुणे रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के बुरे हाल हैं। सांसद मेधा कुलकर्णी के औचक निरीक्षण में बिना जांच के प्रवेश और नशाखोरों के आतंक जैसी गंभीर खामियां सामने आई हैं।
MP Medha Kulkarni Surprise Inspection Of Pune Railway Station
पुणे रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करतीं सांदस मेधा कुलकर्णी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

MP Medha Kulkarni Surprise Inspection Of Pune Railway Station: पुणे रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा अब एक बड़ा सवालिया निशान बन गई है। यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, बीजेपी की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने आज खुद प्लेटफॉर्म पर जाकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान जो सच सामने आया, उसने रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेशन की स्थिति फिलहाल 'आओ जाओ घर तुम्हारा' जैसी बनी हुई है, जहां सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है।

निरीक्षण में सामने आईं भयावह कमियां

सांसद मेधा कुलकर्णी ने एक आम यात्री की तरह प्लेटफॉर्म टिकट लेकर पुणे रेलवे स्टेशन में प्रवेश किया। उन्होंने पाया कि मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच प्रणाली पूरी तरह से ठप है। स्टेशन के भीतर बिना टिकट घूमने वाले असामाजिक तत्वों की भारी भीड़ है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्टेशन परिसर में नशा करने वाले व्यक्तियों का मुक्त संचार है, जिससे आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों में डर का माहौल है।

निधि मिलने के बावजूद तकनीक फेल

राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा उपकरणों के लिए पर्याप्त फंड दिया गया है, लेकिन धरातल पर निगरानी तंत्र पूरी तरह नाकाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे अधिकारियों और पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण ही स्टेशन पर चोरी, लूटपाट और छेड़खानी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। कुलकर्णी ने चेतावनी दी है कि वे इस ढुलमुल रवैये के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की एक सूची तैयार कर रही हैं।

केंद्र को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

मेधा कुलकर्णी ने बताया कि लगातार इस बारे शिकायतें मिल रही थी। हमने इससे पुणे मंडल के डीआरएम (DRM) को पत्र लिखा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसीलिए आज हमने यह जायजा लिया। उनकी मांग है कि स्टेशन पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाए और अपहरण जैसी गंभीर वारदातों को रोकने के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगी ताकि पुणे रेलवे स्टेशन को यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com