पुणे महानगर पालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Property Tax Waiver: पुणे महानगरपालिका चुनाव के दौरान सत्ता में आने पर 500 वर्ग फुट तक के पूरी घरों को प्रॉपर्टी टैक्स से पूरी तरह मुक्त करने का वादा करने वाली भारतीय जनता पार्टी अब प्रशासनिक रिपोर्ट के कारण मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल 500 वर्ग फुट तक की आवासीय संपत्तियों को प्रॉपर्टी टैक्स से छूट देना संभव नहीं है।
महापालिका प्रशासन के अनुसार यदि 500 वर्ग फुट तक के घरों को टैक्स माफी दी जाती है तो महानगरपालिका के राजस्व पर लगभग 168 करोड़ रुपये का वार्षिक बोझ पड़ सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने के बजाय उसे अस्वीकार करने की सिफारिश की है।
दरअसल, स्थायी समिति की शुक्रवार को हुई पहली बैठक में कांग्रेस के गुट नेता रामचंद्र कदम ने 500 वर्ग फुट तक के घरों को पूरी तरह से प्रॉपर्टी टैक्स से मुक्त करने का प्रस्ताव रखा था। बढ़ती महंगाई, जीवनावश्यक वस्तुओं के दामों में वृद्धि और सीमित इनकम के कारण छोटे घरों में रहने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की बात उन्होंने कही।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि महानगरपालिका की हाल ही में हुई सीमा विस्तार के कारण भविष्य में करदाताओं की संख्या बढ़ सकती है। कई संपत्तियां अभी भी टैक्स के दायरे में नहीं आ पाई हैं। यदि उन्हें टैक्स स्लैब में शामिल किया जाए तो राजस्व में वृद्धि संभव है और 500 वर्ग फुट तक के घरों को राहत देने से पुणे मनपा की इनकम पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
स्थायी समिति ने इस प्रस्ताव पर तुरंत निर्णय लेने के बजाय इसे प्रशासन की राय के लिए भेज दिया था। प्रशासन से यह जानकारी मांगी गई थी कि 500 वर्ग फुट तक की कितनी संपत्तियां है, उनसे कितना वार्षिक टैक्स वसूला जाता है।
टैक्स माफी देने पर राजस्व में कितनी कमी आएगी। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार पुणे महानगरपालिका क्षेत्र में 500 वर्ग फुट से कम क्षेत्रफल वाली लगभग 4 लाख 43 हजार 553 संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों से हर वर्ष करीब 268 करोड़ रुपये का टैक्स मांग पत्र तैयार होता है। ऐसे में यदि सभी को टैक्स माफी दी जाती है तो मनपा के राजस्व पर बड़ा असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई बहुमंजिला इमारतों में छोटे आकार की फ्लैट बड़ी संख्या में हैं। यदि 500 वर्ग फुट की सीमा के आधार पर टैक्स माफी दी गई तो ऐसी पूरी इमारतों की सभी इकाइयों को टैक्स छूट मिल सकती है जिससे इनकम में और गिरावट आ सकती है। इसके अलावा प्रशासन ने यह आशंका भी जताई है कि टैक्स माफी की योजना लागू होने पर नागरिकों में 500 वर्ग फुट से कम क्षेत्रफल की संपत्तियां खरीदने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।
इससे शहर की बुनियादी सुविधाओं और मुलभूत संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है जिससे महानगरपालिका पर आर्थिक भार बढ़ सकता है। प्रशासन ने यह भी बताया कि उपलब्ध आंकड़े अभी अनुमानित हैं और कई पुरानी संपत्तियों की जानकारी अभी भी कंप्यूटर में उपलब्ध नहीं है।
ये भी पढ़ें :- महाराष्ट्र में कक्षा 1 से 10 तक मराठी पढ़ाना अनिवार्य, नियम न मानने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द होगी
इसलिए सटीक आंकड़े प्राप्त करने के लिए नए सिरे से सर्वेक्षण करना पड़ सकता है। इस तरह प्रशासन की नकारात्मक रिपोर्ट के बाद चुनाव के दौरान दिया गया 500 वर्ग फुट तक के घरों को प्रॉपर्टी टैक्स में माफी का वादा फिलहाल अधर में लटकता नजर आ रहा है। यदि यह प्रस्ताव अभी मंजूर किया जाता है तो इसका राजनीतिक श्रेय कांग्रेस को मिल सकता है।