सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से पुणे पुलिस आयुक्त की अपील, ड्रग्स और ऑनलाइन नफरत के खिलाफ करें काम
Pune Police Social Media Influencers: पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से ड्रग्स, ऑनलाइन नफरत और अभद्र भाषा के खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को दिया नया टास्क (सौ. डिजाइन फोटो )
Pune Police Social Media Influencers News: सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत, अभद्र भाषा, अश्लील टिप्पणियों और युवाओं में तेजी से फैलते ड्रग्स कल्चर को लेकर पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को बड़ी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
नवराष्ट्र इन्फ्लुएंसर समिट में सैकड़ों डिजिटल क्रिएटर्स, कंटेंट मेकर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पुलिस के साथ “कंस्ट्रक्टिव पार्टनरशिप” करें, तो समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया केवल मनोरंजन या प्रचार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज की सोच, व्यवहार और मानसिकता को प्रभावित करने वाली सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। ऐसे में लाखों लोगों तक पहुंच रखने वाले इन्फ्लुएंसर्स की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर के हिंगना में सनसनीखेज हत्या, बड़े भाई ने छोटे भाई को उतारा मौत के घाट, शराब की लत बनी वजह
महाराष्ट्र देवस्थान इनाम उन्मूलन कानून के खिलाफ भड़के मंदिर ट्रस्टी, राज्यभर में आंदोलन की चेतावनी
मुख्यमंत्री फडणवीस की सादगी बनाम अफसरों के ठाठ? महाराष्ट्र में खर्च कटौती पर सवाल, निजी विमान यात्रा पर चर्चा
Naxal Weapon: Gadchiroli में नक्सलियों का हथियार कारखाना ध्वस्त, जंगल से भारी सामग्री बरामद
आपके फॉलोअर्स समाज को बदल सकते हैं
अमितेश कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स लोगों की समस्याओं को सामने ला सकते हैं और समाज में जागरूकता पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “आज यहां इतनी बड़ी संख्या में इन्फ्लुएंसर्स मौजूद हैं। यदि आप सभी पुलिस के साथ मिलकर काम करें, तो कानून व्यवस्था को मजबूत करने और समाज में सुधार लाने का बड़ा काम हो सकता है।”
उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स से पुणे पुलिस के साथ जुड़कर नागरिकों और प्रशासन के बीच एक सकारात्मक संवाद कायम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग केवल वायरल कंटेंट या मनोरंजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी बनना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बढ़ती “टॉक्सिसिटी” चिंता का विषय
समिट के दौरान पुलिस आयुक्त ने सोशल मीडिया पर बढ़ती नकारात्मकता और अभद्रता पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में जिस तरह गाली-गलौज, व्यक्तिगत हमले और अश्लील भाषा का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वह समाज के लिए खतरनाक संकेत है।
उन्होंने कहा, “कभी-कभी ऐसा लगता है कि सोशल मीडिया पर टॉक्सिक और नेगेटिव कंटेट ज्यादा दिखाई दे रहा है। लोग लक्ष्मण रेखा पार कर महिलाओं समेत लोगों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते है।” उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र में आलोचना जरूरी है और स्वस्थ आलोचना का हमेशा स्वागत होना चाहिए, लेकिन आलोचना और अभद्रता के बीच की सीमा को समझना भी उतना ही जरूरी है।
सिर्फ पुलिस का डंडा काफी नहीं
- अमितेश कुमार ने कहा कि केवल पुलिस कार्रवाई से समाज में सुधार नहीं लाया जा सकता। इसके लिए सामाजिक चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है।
- उन्होंने कहा, “हर चीज पुलिसिंग या पुलिस का डंडा दिखाकर नहीं की जा सकती। इसके लिए सोशल ट्रांसफॉर्मेशन की जरूरत है।”
- उन्होंने सुझाव दिया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स और इन्फ्लुएंसर्स मिलकर डिजिटल व्यवहार के लिए “डूज एंड डॉट्स” और “कोड ऑफ कंडक्ट” तैयार करें। इससे सोशल मीडिया पर सभ्यता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी।
ये भी पढ़ें :- मंत्री अदिति तटकरे के निजी सचिव पर गंभीर आरोप, महिला अधिकारियों से दुर्व्यवहार का मामला गरमाया
इन्फ्लुएंसर बनें ड्रग वालंटियर
- समिट में सबसे गंभीर मुद्दा युवाओं में बढ़ती ड्रग्स की लत का रहा। पुलिस आयुक्त ने कहा कि ड्रग्स आज समाज के सामने बड़ी चुनौती बन चुका है और युवाओं में इसकी स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज, पद, बार और पार्टियों में ड्रग्स का इस्तेमाल बढ़ना बेहद चिंताजनक है।
- इस प्रवृत्ति को कहीं न कहीं रोकना होगा। यदि अभी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ी को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगार उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से ड्रग्स वॉलंटियर बनने की अपील करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता अभियान चलाएं और इस मुहिम में पुलिस उनके साथ रहेगी।
