Pune News: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का ओएसडी विशेष कार्य अधिकारी बनकर पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास करने वाले एक जालसाज का पुणे पुलिस ने पर्दाफाश किया है। खुद को उपमुख्यमंत्री का करीबी बताकर जांच में दखल देने वाले इस शख्स की पहचान प्रद्युम्न श्रीहरी पाटिल 47, हिंजवड़ी के रूप में हुई है।
आरोपी ने न केवल सरकारी पद का दुरुपयोग किया, बल्कि पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी के कार्यालय में जाकर उन्हें जांच ठीक से न करने की धमकी भी दी, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। पूरी घटना तब शुरू हुई जब आरोपी पाटिल सीधे जोन1 के पुलिस उपायुक्त ऋषिकेश रावले के कार्यालय में पहुंच गया। वहां उसने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे एक विशेष मामले की जांच सही तरीके से नहीं कर रहे हैं।
खुद को उपमुख्यमंत्री का ओएसडी बताते हुए उसने अपनी कथित ऊंची पहुंच का डर दिखाया और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। लेकिन उसकी संदिग्ध बातों और व्यवहार ने पुलिस अधिकारियों को सतर्क कर दिया। उपायुक्त रावले ने बिना समय गंवाए तत्काल उच्च स्तर पर उसकी पहचान की पुष्टि करने के निर्देश दिए।
आधिकारिक स्तर पर की गई त्वरित जांच में यह स्पष्ट हो गया कि प्रद्युम्न पाटिल का उपमुख्यमंत्री कार्यालय या किसी सरकारी विभाग से कोई संबंध नहीं है। झूठ पकड़े जाते ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इस मामले में विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 204 के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आरोपी ने पहले भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा कर किसी अन्य विभाग या व्यक्ति को ठगा है या नहीं।