Pune MNC मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी, 419 आपत्तियां; चुनाव पर संकट
Pune Municipal Corporation Election की प्रारूप मतदाता सूची में वार्ड-मिसमैच, डुप्लीकेट एंट्री और 419 आपत्तियों से विवाद बढ़ा। विपक्ष ने गंभीर त्रुटियों का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित करने की मांग की।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Local Body Election: पुणे मनपा (पीएमसी) चुनाव के लिए जारी की गई प्रारूप मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। मुंढवा प्रभाग के मतदाताओं के नाम वारजे प्रभाग की सूची में दिखाई दे रहे हैं, तो वहीं खेड़-शिवापुर के मतदाता सन सिटी प्रभाग में शामिल हो गए हैं।
मनपा प्रशासन ने स्वीकार किया है कि यह गड़बड़ी प्रभाग-वार सूची विभाजन के दौरान उपयोग किए गए सॉफ्टवेयर के कारण हुई है। अधिकारियों ने कहा है कि इस संबंध में राज्य चुनाव आयोग को जानकारी दे दी गई है।
मनपा चुनाव की प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से चल रही है। दो सप्ताह पहले प्रभाग-वार आरक्षण घोषित किया गया था और पिछले सप्ताह प्रभाग-वार मतदाता सूचियां प्रकाशित की गईं। हालांकि, इसके दो दिन के भीतर ही चुनाव कार्यालय में शिकायतों की बाढ़ आ गई। सोमवार शाम तक 419 आपत्तियां और शिकायतें दर्ज की गई।
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प्रारुप आरक्षण पर भी 24 आपत्तियां
मतदाता सूची पर आपत्ति दर्ज कराने की दर तेजी से बढ़ रही है और सोमवार तक कुल 419 आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही, मतदाता सूचियों की खरीद भी बढ़ गई है, जिससे मनपा को अब तक 13 लाख 30 हजार से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। प्रारुप आरक्षण पर आपत्तियां दर्ज करने का सोमवार अंतिम दिन था।
कुल 24 आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनमें से प्रभाग 1 में सर्वाधिक 6 आपत्तियां थीं। इस प्रभाग में एक समूह में अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षण रखा गया है, जिसे पुरुषों के लिए बदलने की मांग की गई है। प्रभाग 9 में दो आपत्तियां आई हैं, जिसमें बताया गया है कि अनुसूचित जाति वर्ग की संख्या दोगुनी होने के कारण इस प्रभाग में आरक्षण आवश्यक है।
पुणे मनपा चुनाव से पहले जारी की गई प्रभाग-वार अंतिम मसौदा मतदाता सूची में गंभीर त्रुटियां सामने आने के बाद, शहर के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने मनपा प्रशासन से चुनाव स्थगित करने की मांग की है। मनपा आयुक्त ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि 3 लाख से अधिक मतदाताओं का दोहरा पंजीकरण (डुप्लीकेट एंट्री) हुआ है।
यदि किसी प्रभाग में एक ही परिवार के नाम अलग-अलग होकर कुछ सदस्य दूसरे प्रभागों में चले गए है, तो उन नामों को फिर से एक साथ लाने के लिए प्रारूप ‘बी’ (नमूना ‘ब’) का प्रावधान है। इसलिए, उसमें सुधार किया जाएगा।
यदि कुछ प्रभागों में जानबूझकर मतदाताओं को हटाया या बदला गया है, तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों, इच्छुक उम्मीदवारों और मतदाताओं की शिकायतों पर उचित ध्यान दिया जाएगा।
– ओमप्रकाश दिवटे, अतिरिक्त आयुक्त, पुणे महानगरपालिका
विपक्ष की आयुक्त से मुलाकात
कई मतदाताओं के नाम ग़लती से दूर के प्रभागों में चले गए हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मनपा प्रशासन भाजपा के दबाव में काम कर रहा है और त्रुटिपूर्ण सूची पर केवल 8 दिनों की आपत्ति दर्ज करने की अवधि देकर चुनावों को जल्दबाजी में कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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इस पृष्ठभूमि में राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट), कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), मनसे, वंचित बहुजन आघाडी, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी सहित कई दलों ने एक साथ आकर मनपा अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे से मुलाकात की। इस दौरान प्रशांत जगताप, विधायक बाप्पुसाहेब पठारे, अरविंद शिंदे, साईनाथ बाबर, संजय मोरे, गजानन थरकुडे, रविंद्र माल वदकर, अभय छाजेड, मनोहर जांबूवंत, सचिन दोडके आदि नेता उपस्थित थे।
