चंद्रकांत पाटिल (सौ. सोशल मीडिया )
Pune PMC Nominated Members: पुणे महानगर पालिका में स्वीकृत (नामांकित) सदस्यों की नियुक्ति को लेकर चल रहे कयासों पर विराम लगाते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री चंद्रकांत पाटील ने पार्टी की ‘लाइन’ स्पष्ट कर दी है।
पाटील ने कड़े शब्दों में कहा कि जिन नेताओं को चुनाव में पार्टी का टिकट दिया गया था, उन्हें अब स्वीकृत सदस्य के रूप में ‘बैकडोर एंट्री’ नहीं मिलेगी। साथ ही, उन्होंने यह भी साफ किया कि स्वीकृत सदस्य का कार्यकाल पांच साल के बजाय केवल ढाई साल का होगा। पाटील के इस दो टूक बयान ने जहां एक ओर पुराने नेताओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, वहीं नए और युवा चेहरों में उत्साह भर दिया है।
पुणे के नवनियुक्त महापौर मंजुषा नागपुरे और उपमहापौर परशुराम वाडेकर के अभिनंदन समारोह के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए पाटील ने यह बयान दिया।
उन्होंने कहा, ‘स्वीकृत सदस्य का चेहरा नया होगा। हम पराजित उम्मीदवारों को यह पद देकर कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश नहीं भेजना चाहते। यह पद ढाई-ढाई साल के दो चरणों में बांटा जाएगा ताकि अधिक से अधिक निष्ठावान कार्यकर्ताओं को अवसर मिल सके।’
जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के नतीजों पर खुशी जाहिर करते हुए पाटील ने विपक्ष की वर्तमान स्थिति पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अब पूरी तरह अपनी साख खो चुका है। पाटील के अनुसार, ‘विपक्ष के पास न तो जमीनी मेहनत है और न ही भविष्य की कोई ठोस तैयारी। यही कारण है कि जनता उन्हें नकार रही है।’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा और उसके सहयोगी दल ‘महायुति’ के रूप में एकजुट होकर आगामी चुनौतियों का सामना करेंगे।
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शहर की समस्याओं पर बात करते हुए पाटील ने स्वीकार किया कि पुणे में बढ़ती जनसंख्या के साथ पेयजल आपूर्ति, यातायात और खराब सड़कें सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए शहर के प्रमुख जंक्शनों पर नए फ्लाईओवर की योजना बनाई जा रही है। पानी की बर्बादी रोकना प्राथमिकता होगी ताकि भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सके। सरकार स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दे रही है। पुणे को विकास के एक वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार कटिबद्ध है।