पुणे में मनपा विभागों की खींचतान में फंसा कात्रज चिड़ियाघर, वन्यजीवों की सुरक्षा दांव पर!
Pune Katraj Zoo: पुणे मनपा ने वाघोली के लोहगांव रोड पर अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक 7 मंजिला इमारत समेत लगभग 30 हजार वर्ग फीट के अनधिकृत ढांचों को ध्वस्त कर दिया।
- Written By: रूपम सिंह
अतिक्रमण (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Katraj Zoo Wall Construction: कात्रज स्थित राजीव गांधी प्राणी संग्रहालय की सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण का कार्य महानगरपालिका के दो विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण पूरी तरह ठप पड़ गया है। भूमि अधिग्रहण विभाग और उद्यान विभाग के बीच चल रही खींचतान के चलते वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमियों में नाराजगी बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार, विकास योजना के तहत कात्रज चौक क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए संजय गुगले की 39 गुंठा जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके लिए महानगरपालिका ने लगभग 21 करोड़ रुपये का मुआवजा भी अदा किया था। हालांकि, नागरिकों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण विभाग ने जमीन की वास्तविक नापजोख किए बिना ही दस्तावेजों में कब्जा दर्ज कर लिया।
बाद में जब दोबारा सर्वेक्षण और जांच की गई तो पता चला कि अधिग्रहित जमीन का लगभग 15 गुंठा हिस्सा राजीव गांधी प्राणी संग्रहालय की पुरानी सुरक्षा दीवार के भीतर आता है। इस खुलासे के बाद जमीन के स्वामित्व और सीमांकन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसके कारण दीवार के पुनर्निर्माण का कार्य अटक गया है।
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बताया गया कि फ्लाईओवर निर्माण परियोजना के दौरान प्राणी संग्रहालय की सुरक्षा दीवार को तोड़ा गया था। नियमों के अनुसार, इस दीवार का पुनर्निर्माण कर उसे पूर्व स्थिति में स्थापित करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की थी। लेकिन भूमि सीमा को लेकर उत्पन्न विवाद और संबंधित विभागों के बीच समन्वय के अभाव के कारण यह कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
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स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमी संगठनों का कहना है कि सुरक्षा दीवार का निर्माण लंबित रहने से चिड़ियाघर में मौजूद वन्यजीवों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। साथ ही बाहरी लोगों और आवारा पशुओं के प्रवेश का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से जल्द विवाद सुलझाकर पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है।
वहीं, पुणे मनपा अधिकारियों का कहना है कि भूमि सीमांकन से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए संबंधित विभागों के बीच चर्चा जारी है। विवाद समाप्त होते ही सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण का कार्य फिर से शुरू किया जाएगा। हालांकि, फिलहाल विभागीय तालमेल की कमी के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना अधर में लटकी हुई है।
