

Pune Drainage Network Sewage Project: पुणे शहर की बढ़ती आबादी और तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र के मद्देनजर पुणे मनपा ने सीवेज व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत मनपा सीमा में शामिल 7 गांवों में ड्रेनेज नेटवर्क और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट विकसित करने के लिए करीब 1,438 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर इसे केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद इन क्षेत्रों में सीवेज के संग्रहण और शोधन की व्यवस्था मजबूत होगी। मनपा का लक्ष्य शहर में उत्पन्न होने वाले लगभग पूरे सीवेज का वैज्ञानिक तरीके से शोधन करने की क्षमता विकसित करना है। इससे मनपा में शामिल गांवों का विकास होगा।
इससे पहले केंद्र की एपेक्स कमेटी ने मनपा के 12 गांवों की जलापूर्ति योजना के लिए 890 करोड़ और पुराने शहर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी के लिए 400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। राज्य सरकार की तकनीकी समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष इसका प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इसके बाद संशोधित डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। मंजूरी मिलने पर यह परियोजना पुणे के तेजी से विकसित हो रहे उपनगरों में सीवेज व्यवस्था के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
प्रस्ताव के तहत वाघोली, मांजरी, हांडेवाडी-औताडेवाडी, शेवालवाड़ी, बावधन, वडाचीवाड़ी और होलकरवाडी में सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में करीब 378 किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क के साथ 46 किलोमीटर लंबी मुख्य ट्रेक पाइप लाइन बिछाने की योजना है।
इसके अलावा सात नए एसटीपी बनाए जाएंगे। इनमें मांजरी में 166 एमएलडी और वडगांव शेरी में 111 एमएलडी क्षमता के संयंत्र प्रमुख हैं। नए प्लांट तैयार होने के बाद इन गांवों में बढ़ती आबादी के अनुरूप सीवेज शोधन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।