बैठक में मौजूद मंत्री मुरलीधर मोहोल व अन्य अधिकारी (सोर्स: एक्स@mohol_murlidhar)
Pune Road Safety Measures: पुणे के नवले ब्रिज पर तीन वाहनों की टक्कर के बाद आग लगने और उसमें 8 लोगों की मौत की घटना के बाद इस तरह के हादसे को रोकने के लिए विभिन्न उपाय किए जाए। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों की जिम्मेदारी निश्चित कर दी जाएगी।
ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं में सुधार, गति सीमा और सर्विस रोड के काम के लिए भूमि अधिग्रहण की समस्या का समाधान कर महीने भर में इससे जुड़ी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश केंद्रीय नागरी उड्डाण राज्यमंत्री, सांसद मुरलीधर मोहोल ने प्रशासन को दिया है।
ब्रिज परिसर में गुरुवार की शाम हुए हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में 9 से 10 लोग जख्मी हुए थे। इस हादसे के बाद मंत्री मुरलीधर मोहोल ने मुंबई-बेंगलुरू बाईपास मार्ग में पड़ने वाले नवले ब्रिज परिसर का दौरा किया था।
सरकारी विश्रामगृह में शनिवार को मोहोल ने विभिन्न एजेंसी के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम, पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, पीएमआरडीए डॉ. योगेश म्हसे, पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल, राज्य महामार्ग प्राधिकरण के अधिकारी और प्रादेशिक परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
इस बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री मोहोल ने कहा कि नवले हादसा मामले के बाद दीघकालीन उपाय योजनाओं सहित विभिन्न उपाय किए जाएंगे, नहें से रावेत के बीच एलिवेटेड रूट बनाने का ड्राफ्ट मंजूर हो चुका है। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करूंगा। यह काम प्रत्यक्ष रूप से शुरू करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
जांभुलवाडी से वारजे तक रिंग रोड निश्चित किया गया है। इस रुट में ट्रैफिक को डाइवर्ट किया जा सकता है। ये काम प्रत्यक्ष रुप से शुरू करने प्रयास किए जाएंगे। दरी पूल से वडगांव बुद्रुक के बीच तेज गति से चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने तीन स्पीड गन है। स्पीड गनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्वामी नारायण मंदिर से नवले ब्रिज के बीच तीव्र ढलान है। यहां रम्बलिंग स्ट्रिप बनाया जाएगा।
मुंबई- बैंगलुरु राष्ट्रीय महामार्ग पर नवले ब्रिज परिसर में जानलेवा दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में 257 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं जिनमें से 95 दुर्घटनाएं गंभीर प्रकृति की थीं। ट्रैफिक पुलिस से मिली चौकाने वाली जानकारी के अनुसार पिछले पांच वर्षों में नवले पुल परिसर में 115 लोगों की मौत हुई है। इसी अवधि में 94 नागरिक घायल भी हुए हैं।
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गुरुवार को हुई दुर्घटना से यह बात और भी स्पष्ट हो गई है कि नवले ब्रिज परिसर ‘मौत का जाल’ बन चुका है। ट्रैफिक पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 से 2025 की अवधि में जानलेवा दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और यहां मृत्यु दर चिंताजनक है।
बाईपास मार्ग पर खेड शिवापूर टोलनाका में ट्रक, कंटेनर चालकों की जांच की जाएगी। भारी वाहनों में क्षमता से ज्यादा माल होने पर मौके पर ही उसे उतारा जाएगा। भारी वाहनों की तकनीकी और ब्रेक की जांच की जाएगी।
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ई-चलन के जरिए कार्रवाई की जाती है। दरी पूल से वडगांव बुटुक परिसर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
अधिकारियों से कहा कि भूमि अधिग्रहण की वजह से बाईपास मार्ग के सर्विस रोड का काम अटका है। पाषाण भाग में रक्षा विभाग की जमीन है। सर्विस रोड के लिए रक्षा विभाग की जमीन पाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
सर्विस रोड पर पीएमपी बस और निजी ट्रांसपोर्टरों का स्टॉपज अवैध है। आम लोगों की सुरक्षा पर विचार करते हुए स्टॉपेज बनाना चाहिए। बाईपास मार्ग से हर दिन 350 पीएमपी बसें जाती हैं। सर्विस रोड पर किए गए अतिक्रमण पर कार्रवाई करे।