चुनाव चिन्ह बना बाधा, पुणे में शरद और अजित पवार गुट का गठबंधन अटका

NCP Alliance Talks: पुणे महानगरपालिका चुनाव से पहले राकांपा और राकांपा (एसपी) के बीच संभावित गठबंधन वार्ता चुनाव चिह्न को लेकर असहमति के कारण गतिरोध में फंस गई है।
Pune Municipal Election
चुनाव चिन्ह बना बाधा
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Pune Municipal Election: अगले महीने होने वाले पुणे महानगरपालिका चुनावों के लिए अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चल रही बातचीत फिलहाल गतिरोध में फंसी नजर आ रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि राकांपा (एसपी) अपने चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने के प्रस्ताव से राकांपा सहमत नहीं है।

मुंबई और पुणे सहित महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर है। राकांपा (एसपी) के वरिष्ठ नेता अंकुश काकडे ने बताया कि शुक्रवार को पुणे में पार्टी नेतृत्व ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की थी, लेकिन पुणे महानगरपालिका चुनाव के लिए संभावित गठबंधन पर बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई।

प्रस्ताव के लिए तैयार नहीं

काकडे ने कहा “हमारे बीच गठबंधन को लेकर बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। हम राकांपा नेताओं से यह स्पष्ट करने गए थे कि राकांपा (एसपी) अपने चुनाव चिह्न पर ही चुनाव लड़ेगी और यदि गठबंधन होता है तो दोनों दल अपने-अपने चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि वे इस प्रस्ताव के लिए तैयार नहीं हैं।”

सुप्रिया सुले का मत

उन्होंने यह भी कहा कि राकांपा (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले का मत है कि चूंकि राकांपा (एसपी) महाविकास आघाड़ी (एमवीए) का हिस्सा रही है, इसलिए पार्टी अपने गठबंधन सहयोगियों कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) के साथ बने रहना पसंद करेगी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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