Pune Municipal Corporation प्रभाग समितियों पर भाजपा का दबदबा, 15 में से 13 पर कब्जा तय

Pune Municipal Corporation की प्रभाग समितियों में भाजपा ने बहुमत के दम पर 15 में से 13 पदों पर कब्जा लगभग तय कर लिया है। वहीं दो सीटों पर कांग्रेस और राकांपा के साथ सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।
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Pune Municipal Corporation Committee: पुणे मनपा की प्रभाग समितियों के अध्यक्ष पदों पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व देखने को मिल रहा है।

बहुमत के दम पर भाजपा ने कुल 15 में से 13 क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश कर दी है। लेकिन, दो महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कार्यालयों में वोटिंग होने की संभावना बनी हुई है।

Pune Municipal Corporation मनपा में बहुमत के चलते भाजपा ने अधिकांश समितियों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वहीं अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस को ढोले पाटिल रोड क्षेत्रीय कार्यालय के अध्यक्ष पद पर मौका दिया गया है, जहां सुरेखा कवडे को उम्मीदवार बनाया गया है।

इस सीट पर कांग्रेस ने वैशाली भालेराव को मैदान में उतारा है, जिससे यहां सीधा मुकाबला तय माना जा रहा है। इसी तरह येरवडा-वडगांव शेरी क्षेत्रीय कार्यालय में भी चुनाव की स्थिति बन गई है। यहां भाजपा ने कविता महेंद्र गलांडे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से विशाल मलके को मौका दिया गया है। इन दोनों क्षेत्रों में मतदान होना लगभग तय माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।

सातव, घोल सहित अन्य नाम शामिल

भाजपा द्वारा अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए घोषित नामों में नगर रोड-वाघोली से अनिल दिलीप सातव, छत्रपति शिवाजीनगर-घोले रोड से अमृता राम म्हेत्रे, औंध-बाणेर से रोहिणी सुधीर चिमटे, कोथरूड-बावधन से वासंती नवनाथ जाधव और वारजे-कर्वेनगर से मंजुश्री संदीप खर्डेकर शामिल हैं। इसी प्रकार सिंहगढ़ रोड से सचिन रावसाहेब मोरे, धनकवडी-कात्रज-आंबेगांव से प्रतिभा रोहिदास चोरगे, कसबा पेठ से उज्ज्वला गणेश यादव और विश्रामबाग वाडा से बापू उर्फ राघवेंद्र दीपक मानकर को उम्मीदवार बनाया गया है।

वानवडी में कांग्रेस के साहिल केदारी उम्मीदवार

वानवडी क्षेत्रीय कार्यालय में कांग्रेस के साहिल केदारी को मौका दिया गया है, जिससे यहां विपक्ष की उपस्थिति भी दर्ज हो रही है। कुल मिलाकर, भाजपा ने अपनी संगठनात्मक ताकत के दम पर अधिकांश प्रभाग समितियों पर कब्जा सुनिश्चित कर लिया है, जबकि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में चुनौती पेश कर रही हैं। अब जिन दो क्षेत्रों में मतदान होना है, वहां के परिणाम पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यही मुकाबले राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना सकते हैं।

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