Pune Mundhwa Land Scam ने पकड़ा राजनीतिक रंग, दिग्विजय पाटिल के बाद पार्थ पवार पर भी लगे आरोप

Pune Mundhwa Land Scam Update: पुणे के मुंढवा सरकारी जमीन घोटाले में जांच एजेंसियों ने पूरक आरोपपत्र दाखिल कर दिग्विजय पाटिल को आरोपी बनाया है। पार्थ पवार को लेकर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए गए।
Pune Mundhwa Land Scam News
पार्थ पवार और दिग्विजय पाटिल (सौ. डिजाइन फोटो )
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Pune Mundhwa Land Scam News: पुणे के मुंढवा इलाके में करोड़ों रुपये के सरकारी जमीन घोटाले मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में दाखिल पूरक आरोपपत्र में दिग्विजय पाटिल का नाम 'आरोपी नंबर-2' के रूप में शामिल किया गया है।

करीब तीन महीने पहले दाखिल पहले आरोपपत्र में केवल शीतल तेजवानी का नाम था, लेकिन अब दिग्विजय पाटिल पर भी आरोप तय होने से मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से नया मोड़ ले लिया है। दिग्विजय पाटिल 'अमेडिया' कंपनी के भागीदार हैं।

जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेजों पर दिग्विजय के साइन मिले

जमीन सौदे से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर कंपनी की ओर से उनकी हस्ताक्षर पाए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आए इन दस्तावेजों के आधार पर उन पर सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री में गंभीर अनियमितताओं और गैरकानूनी व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं।

अंजलि दमानिया ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इस जमीन सौदे के असली 'मास्टरमाइंड' पार्थ पवार हैं। पिछले तीन-चार वर्षों से इस 40 एकड़ जमीन पर पार्थ पवार की नजर थी। यह मानना मुश्किल है कि इतना बड़ा सौदा केवल दिग्विजय ने किया होगा।

अंजलि दमानिया ने लगाए गंभीर आरोप

इस प्रकरण में दिग्विजय पाटिल की हिस्सेदारी सिर्फ 1 प्रतिशत है, जबकि पार्थ पवार 99% हिस्सेदार हैं। दमानिया ने आरोप लगाया कि दिग्विजय पाटिल पर हुई कार्रवाई भाजपा और सुनील तटकरे गुट की राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। विजय कुंभार ने भी कहा कि अमेडिया कंपनी के दिग्विजय के खिलाफ दाखिल पूरक आरोपपत्र उन्हें सिर्फ 'टोकन कार्रवाई' लगता है।

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