Pune Highway Police Plan( सोर्स: सोशल मीडिया )
Pune Highway Police Plan: पुणे-मुंबई एक्सप्रेस-वे के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्से ‘भोर घाट’ में अब यात्रियों को घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए राजमार्ग पुलिस ने एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है।
हाल ही में 3 फरवरी को एक गैस टैंकर पलटने के बाद लगे 32 घंटे लंबे भीषण जाम से सबक लेते हुए, पुलिस ने बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव का प्रस्ताव महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) को भेजा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसी भी हादसे की स्थिति में यातायात को तुरंत दूसरे मार्ग पर मोड़ने की सुविधा प्रदान करना है।
वर्तमान में 14 किलोमीटर लंबे इस घाट खंड में केवल पांच डिवाइडर कट्स उपलब्ध हैं, जिनमें से अधिकांश काफी संकरे हैं। इस सीमित संख्या के कारण दुर्घटना होने पर वाहनों को डाइवर्ट करना लगभग असंभव हो जाता है।
हर 2 से 2.5 किलोमीटर के अंतराल पर नए इमरजेंसी कट’ (मीडिया ओपनिग्स) बनाए जाएंगे, इन कट्स को इतना चौड़ा रखा जाएगा कि वहां से एक साथ दो बड़े वाहन आसानी से गुजर सकें, सामान्य समय में इन कट्स को बैरिके से बंद रखा जाएगा, लेकिन आपात स्थिति में क्रेन और बचाव दल इन्हें तुरंत खोलकर यातायात सुचारू कर सकेंगे, इन्हें विशेष रंगों से चिहिनत भी किया जाएगा ताकि दूर से इनकी पहचान हो सके।
हादसों के दौरान तकनीकी देरी को कम करने के लिए पुलिस ने एमएसआरडीसी और सड़क डेवलपर आईआरबी को अपनी स्वयंय की ‘इन-हाउस विशेषज्ञ टीम’ तैनात करने का सुझाव भी दिया है।
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पिछले हादसे में ज्वलनशील गैस के रिसाव को रोकने के लिए बाहरी विशेषज्ञों का इंतजार करना पड़ा था, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई, यदि खतरनाक रसायनों और गैस रिसाव से निपटने के लिए विशेषज्ञ टीम मौके पर तैनात रहती है, तो तकनीकी समस्याओं की जल्दी सुलझाया जा सकेगा। पुलिस को विश्वास है कि इन कट्स के निर्माण और विशेषज्ञ टीम की मौजूदगी रो भविष्य में हजारों यात्रियों का समय बचेगा।